एनआइटी रायपुर का 13वां दीक्षांत समारोह दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम 13 मई को आयोजित किया गया, दीक्षा समारोह में 24 छात्रों को मिलेगा गोल्ड मेडल

रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) रायपुर का 13वां दीक्षांत समारोह दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम 13 मई को आयोजित किया गया है। इसके एक दिन पूर्व 12 मई को एनआइटी के छात्रों दीक्षांत समारोह का अभ्यास किया। दीक्षा समारोह को लेकर दीनदयाल आडिटोरियम में सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक छात्रों ने बैठने, पदक ग्रहण करने समेत अन्य कार्यक्रमों को लेकर पूर्वाभ्यास किया। इस दौरान प्रबंधन ने उन्हें कार्यक्रम के संबंध में पूरी जानकारी दी। इसके बाद सभी का दीक्षांत समारोह के लिए परिधान दिए गए। दीक्षा समारोह में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। छात्र साढ़े नौ बजे स्थान ग्रहण करेंगे। शुभारंभ के दौरान राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से किया जाएगा। इसमें सत्र-2022 तक के 24 को गोल्ड समेत 1134 विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटी जाएगी। आयोजन के मुख्य अतिथि डीआरडीओ के डायरेक्टर शैलेंद्र की गड़े होंगे।
वायएस सत्यलक्ष्मी, यूजीरिया दुबे, अदिति भट्टाचार्य, शिवानी परिहार, मुस्कान केडिया, आकाश भट्ट, सत्यप्रकाश शर्मा, संजीव नाथ, शिवांश तिवारी, कृष्ण आज्ञाकारी राजा बाबू, ऋषि शरद पिंजण, सुमंत्रा दास, स्नातकोत्तर छात्रों में सना अंसारी, सुपर्णा बीतसोका, एसके नदीमउद्दीन, गोपाल प्रसाद पटेल, सार्थक पिपरी, कैलाश मेशराम, मोहम्मद अमजद, शिरीन रफत आलम, नवनीत परिहार, आदित्य शिवरकर, आदर्श चौहान को गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा।
read also – Weather alert- देश के कुछ राज्यों में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप तो कहीं चक्रवाती तूफान की वजह से बारिश, जानिए मौसम का हाल..
गोल्ड मेडलिस्ट पेंड्रा की रहने वाली मुस्कान केडिया ने बताया कि भाई को देखकर इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। एनआइटी में बीटेक की पढ़ाई के शुरुआती समय में कोर्स को समझने में थोड़ी कठिनाइयां हुई। लेकिन धीरे-धीरे जब मेहनत करना शुरू किया तो चीजें आसान लगने लगी। तीसरे सेमेस्टर से अंक भी अच्छे आने लगे। कोविड के समय आनलाइन पढ़ाई का अनुभव अलग था। शिक्षक जो पढ़ाते उसे अच्छे से पढ़ते, प्रोजेक्ट वर्क और कौशल विकास पर भी बेहतर ध्यान दिया। आगे मैं सीजीपीएससी की तैयारी कर प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हूं।
ओवरआल टापर वायएस सत्यलक्ष्मी ने बताया कि वह आंध्रप्रदेश की रहने वाली है। इंजीनियर बनने का शुरू से सपना रहा। एनआइटी रायपुर में प्रवेश मिलने के बाद पूरा ध्यान पढ़ाई में लगा दिया। कोरोना के दौरान दो वर्ष आनलाइन पढ़ाई की। पढ़ाई के साथ कौशन को निखारते गए। चूंकि आइटी में रूचि थी, इसिलए अध्ययन के साथ प्रैक्टिल प्रोजेक्ट भी काफी किए। लक्ष्य को पाने के लिए हमें कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। मैंने भी यही किया है। कोई भी हो अपने फिल्म में इमानदारी से कड़ी मेहनत करे तो उसे सफलता मिलेगी।



