छत्तीसगढ़

राज्य में कोरोना से बचने करना होगा इन नियमों का पालन नही तो होगी कार्यवाही, जान लीजिए यह

राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर द्वारा अधिसूचना जारी करते हुये राज्य में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम हेतु रक्षात्मक उपायो को अपनाना एवं उसका पालन करना अनिवार्य घोषित किया गया है। जिसके अनुसार सार्वजनिक स्थलों, कार्यालयों,अस्पतालों,बाजारों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों,गलियों में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा तथा कार्यालय,कार्य स्थलों एवं फैक्ट्री आदि में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा मास्क अथवा फेस कवर धारण किया जाना अनिवार्य होगा।इसी प्रकार दो पहिया एवं चार पहिया वाहन के द्वारा यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

उपरोक्त हेतु डिस्पोजेबल मास्क तथा कपड़े के मास्क का प्रयोग किया जा सकता है। फेस कवर,मास्क उपलब्ध न होने की स्थिति में गमछा, रुमाल, दुपट्टा इत्यादि का भी फेस कवर के रूप में प्रयोग किया जा सकता है बशर्ते मुंह एवं नाक पूरी तरह से ढका हो।

कपड़े का मास्क फेस कवर,गमछा,रुमाल,दुपट्टा इत्यादि का पुनः प्रयोग साबुन से अच्छी तरह से साफ किए बिना ना किया जाये ।सार्वजनिक स्थलों पर थूकना प्रतिबंधित है।होम क्वारेन्टाईन में रहने वाले व्यक्तियों को शासन द्वारा समय-समय पर जारी होम क्वारेन्टाईन संबंधी समस्त दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।दुकानों,व्यवसायिक संस्थानों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग,फिजिकल डिस्टेंसिग संबंधी – दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाना अनिवार्य होगा।

जारी आदेश अनुसार कोविड-19 के संक्रमण के रोकथाम एवं आदेशो के प्रभावी क्रियान्वन हेतु दिशा निर्देशो का पालन नही किये जाने कि दशा में जुर्माना भी लगााया जाएगा जिसमे सार्वजनिक स्थलों में मास्क,फेस कवर नहीं पहनने की स्थिति में 100 रुपये,होम क्वारेन्टाईन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किए जाने की स्थिति में 1000 रुपये,सार्वजनिक स्थलों पर थूकते हुये पाये जाने की स्थिति में 100 रुपये,दुकानों,व्यवसायिक संस्थानों के मालिकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग फिजिकल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किये जाने की स्थिति में 200 रुपये का जुर्माना किया जाएगा।

महामारी रोग अधिनियम, 1897 के प्रावधानों के अधीन जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत अधिकारी, नायब तहसीलदार, सहायक उप-निरीक्षक (ए.एस.आई.) से अनिम्न अधिकारी द्वारा ही उपरोक्त जुर्माने की राशि की वसूली की जा सकेगी तथा जुर्माना अदा न करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध महामारी रोग अधिनियम, 1897 तथा भारतीय दण्ड संहिता 1860 कि  धाराओं के अन्तर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

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