छत्तीसगढ़

बच्चे की कस्टडी के लिए हाईकोर्ट में एक अनोखा तर्क, पत्नी जींस-टॉप पहनकर जाती है ऑफिस, पड़ेगा बच्चे पर बुरा असर – cgtop36.com


हरीश यादव महासमुंद -पति ने बच्चे की कस्टडी के लिए हाईकोर्ट में एक अनोखा तर्क दिया है.. कोर्ट में उसने कहा है, कि उसकी पत्नी जींस-टॉप पहनकर ऑफिस जाती है, जिससे उसके बच्चे पर बुरा असर पड़ता है. इसलिए बच्चे की कस्टडी पिता को सौंपी जाए.. पति-पत्नि के तलाक के बाद बच्चे की कस्टडी को लेकर बिलासपुर हाइकोर्ट के जस्टिस ने टिप्पणी की है, कि जींस-टॉप पहनने से, पुरुष सहयोगी के साथ ऑफिस में काम करने या उनके साथ काम के सिलसिले में कही बाहर जाने से किसी भी महिला का चरित्र तय नहीं किया जा सकता है।

हाइकोर्ट के जस्टिस गौतम भादुड़ी और संजय एस. अग्रवाल की बेंच ने ये भी कहा कि महिलाओं के प्रति ऐसी सोच रखने से उनके अधिकार और आजादी की लड़ाई और भी लंबी हो जाएगी… बता दें, कि महासमुंद में रहने वाले दंपती शादी के 2 साल बाद अनबन होने पर आपसी सहमति से तलाक ले लिया… उसके बाद से बेटा मां के पास रहने लगा… पांच साल बाद पिता ने अपने बेटे की कस्टडी को लेकर फैमिली कोर्ट में अर्जी लगाई।

तर्क ये दिया कि बच्चें की मां जींस-टॉप पहन कर ऑफिस जाती है, वहां पुरुष सहयोगी के साथ काम करती है उनके साथ बाहर जाती है, उसने अपनी पवित्रता खो दी है.. इससे बेटे पर गलत असर पड़ रहा है. हालांकि फैमली कोर्ट ने भी इस तर्क को खारिज करते हुए मां के हक में फैसला दिया, जिसके बाद पिता ने हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी.. कोर्ट ने इस मामले को एक सिरे से नकार दिया.. बेटा मॉ के पास रहेगा, और तकनीकी माध्यमों से पिता से भी लगातार संपर्क में रह सकता है.



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