वाह बिलासपुर पुलिस, रतनपुर न बन जाए बीरनपुर, रेप पीड़िता की मां को पुलिस ने किया गिरफ्तार, रेप पीड़िता लडकी का आफताब के परिवार पर यह आरोप

बिलासपुर जिले के रतनपुर से पुलिस का एक हैरान करने वाला रवैया सामने आया है, जहां पुलिस ने रेप पीड़िता लड़की की विधवा मां के विरूद्ध काउंटर केस बना कर उसे जेल भिजवा दिया है ! रेप पीड़िता लड़की की मां के विरूद्ध आरोप है कि उसने 10 साल के एक बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया है!
जबकि दुष्कर्म की शिकार लड़की ने थाने के टीआई कि ग्रुप गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि, मेरे केस को कमजोर करने और रेप के आरोपी को बचाने के लिए मेरी मां को झूठे मामले में फंसाकर जेल भिजवाया गया है!
दरअसल करीब ढाई महीना पहले 4 मार्च को पुलिस ने रेप के आरोप में आफताब मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। आफताब मोहम्मद पर आरोप है कि उसने पीड़ित लड़की को खूंटाघाट घुमाने ले जाने के बहाने वहां उसके साथ दुष्कर्म किया और लड़की के साथ मारपीट करके भाग गया था।
देर रात हाईवे पर पेट्रोलिंग की टीम को लड़की रोती-बिलखती मिली। पुलिस की पूछताछ में लड़की ने बताया कि 4 साल पहले जब वह स्कूल में पढ़ती थी, तब आफताब ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसा कर उसके साथ रेप करता रहा बदनामी के डर से युवती ने किसी को इस बारे में जानकारी नहीं दी थी। इसी बात का फायदा उठाकर आरोपी उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा।
लड़की की शिकायत पर पुलिस ने अफताब मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया ! लेकिन मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पुलिस ने पीड़िता की मां को ही एक लड़के के लैंगिक शोषण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया
जिस युवक पर रेप का आरोप है, उसी युवक के घर 10 साल का एक लड़का रायपुर से आया था। वह एक दिन मोहल्ले की दुकान में फ्रूटी लेने जा रहा था, तभी विधवा महिला उसे चॉकलेट देने के बहाने अपने घर ले गई, और नाबालिग बच्चे के प्राइवेट पार्ट से छेड़खानी की थी
उस बच्चे की मां की शिकायत पर विधवा महिला के खिलाफ धारा 377, 506 और 4-12 पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करके महिला को जेल भेज दिया है। उन्होंने कहा, हम दोनों केस को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।
जबकि रेप की शिकार लड़की का आरोप है कि, मेरे द्वारा दुष्कर्म का केस दर्ज कराने के बाद से पहले तो मुझे काफी डराया-धमकाया गया। इसके बाद पैसों का लालच देकर भी समझौता कराने की भी कोशिश की गई। लेकिन जब हम लोग तैयार नहीं हुए, तब आरोपी आफताब मोहम्मद के परिवार वालों ने टीआई के साथ मिलकर मेरी मां पर झूठे आरोप में फंसवा दिया है। हम गरीब हैं, हमारा कोई नहीं है। इसलिए इस तरह से साजिश रची गई है।
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब भी किसी नाबालिक बच्चे के साथ शोषण होता है तो कानूनन बाल कल्याण समिति की राय ली जाती है साथ ही काउंसलिंग करवाना भी अनिवार्य होता है लेकिन एक बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य जैसा बेहद संवेदनशील मामला जुड़ा होने के बावजूद पुलिस ने न तो बाल कल्याण समिति की राय लेना जरूरी समझा और न ही काउंसिलिंग करवाई गई
इसके उलटे पुलिस ने तो आनन-फानन में सीधे केस दर्ज कर पीड़ित लड़की की विधवा मां को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के इस रवैया से आम जनता से तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है !




