ऑनलाइन गेम के जरिये करवाया जाता था किशोरों से धर्मांतरण |

गाजियाबाद: गाजियाबाद से किशोरों से धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है, जो ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से किशोरों का धर्मांतरण करा रहा था। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, इसमें गिरफ्तार व्यक्ति को मौलाना बताया जा रहा है। जबकि एक अन्य आरोपी को पकड़ने के लिए टीम को महाराष्ट्र में छापेमारी कर रही है।
इसमें ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से बच्चों को आकर्षित करके उनका धर्मांतरण कराया जा रहा था। अब तक पुलिस को मामले में तीन पीड़ितों की जानकारी मिली है। वहीं, चौथे पीड़ित के बच्चे के बारे में भी पुलिस को सुराग मिला है। मामले के तार महाराष्ट्र से जुड़े हुए हैं। बताया जा रहा है की मुख्य आरोपी महाराष्ट्र में रहता है, जिसकी तलाश के लिए गाजियाबाद पुलिस की एक टीम महाराष्ट्र रवाना हो गई है।
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डीसीपी निपुण अग्रवाल के मुताबिक, 30 मई को थाना कविनगर इलाके में बहला फुसला कर धर्मांतरण करने का एक मामला सामने आया था, जिसमें मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें बद्दो नाम के व्यक्ति का पता चला था। साइबर ब्रांच ने बताया कि बद्दो का असली नाम शाहनवाज खान है और वह महाराष्ट्र का रहने वाला है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम को महाराष्ट्र रवाना कर दिया गया है। मामले में एक मौलवी का नाम भी सामने आया था, जो गाजियाबाद के सेक्टर 23 में काम करता है। इस मौलाना का नाम अब्दुल है, जिसने एक जैन लड़के और दो हिंदू लड़कों को बहला फुसलाकर उनका धर्मांतरण करवाया था. इसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
डीसीपी के मुताबिक, फोर्टनाइट गेमिंग ऐप के माध्यम से किशोरों को आकर्षित किया जाता है। मुस्लिम लड़के हिंदू बनकर लड़कों को गेम खेलने के प्रति आकर्षित करते थे और फिर बच्चों को गेम जीतने के लिए आयतें पढ़ने के लिए कहते थे। साथ ही एक चैट एप्लीकेशन पर उन बच्चों को प्रतिबंधित व्यक्ति जाकिर का वीडियो दिखाकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते थे। एक बार धर्मांतरण हो जाने के बाद उन्हें अन्य कट्टरता वाले वीडियो भी शेयर किए जाते थे। साथ ही उन्होंने बताया कि मामले में दो पीड़ित गाजियाबाद के रहने वाले हैं, जबकि एक पीड़ित फरीदाबाद का रहने वाला है। इसके अलावा चंडीगढ़ के एक लड़के के धर्मांतरण की जानकारी भी सामने आई है। मामले में पुलिस आगे का काम कर रही है। आरोपियों ने बच्चों से एक एफिडेविट भी साइन कराया था, जिसमें लिखा जाता था कि बच्चों ने बिना किसी दबाव के दूसरा धर्म कबूल किया है।



