छत्तीसगढ़

सरायपाली – नगर पालिका परिषद के 1 साल पूरे होने पर शुरू हुआ कांग्रेस भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर

भाजपा पार्षदों ने विकास पर उठाए सवाल, अध्यक्ष ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज

हरीश यादव पिथौरा – सरायपाली नगर पालिका परिषद के 1 साल का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद यहां की राजनीति अब गर्म होने के आसार नजर आ रहे हैं दरअसल भाजपा की बहुमत वाले परिषद में कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया है जिसके बाद 1 साल पूर्ण होने पर भाजपा के पार्षदों ने कांग्रेसी परिषद पर कई आरोप लगाए हैं और विकास के मुद्दे पर पूरी तरह से अभी फल बताया है वही कांग्रेस के अध्यक्ष ने विपक्षी भाजपा के पार्षदों द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विकास के लिए प्रतिबद्ध होने की बात कही है।

बता दें कि नगर पालिका परिषद सरायपाली के लिए गत वर्ष जनवरी में अध्यक्ष का चुनाव हुआ था और परिषद के 1 साल का कार्यकाल 6 जनवरी को पूर्ण हुआ नए परिषद के 1 साल पूरे होने पर यहां के पार्षदों और सत्ता में बैठे पदाधिकारियों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए नगर के विकास पर सवाल जवाब किए हैं भाजपा के पार्षदों ने जहां वर्तमान परिषद को पूरी तरह से विफल बताते हुए आरोप लगाया है कि जिस तरह से नगर का विकास 1 साल के अंदर होना था वह कहीं नजर नहीं आता है अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पाया और कार्य अधूरे पड़े हुए हैं लेकिन परिषद की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

विपक्ष में बैठे भाजपा पार्षदों ने कहा कि नगर की प्रमुख समस्या सड़क की समस्या को दूर नहीं किया जा सका और ना ही कोई आधारभूत विकास कार्य शहर में कराया जा सके जिससे परिषद के निष्क्रियता झलक ने की बात भाजपा पार्षदों के द्वारा कही गई है वहीं दूसरी ओर भाजपा पार्षदों द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष अमृत पटेल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि परिषद की ओर से अनेक कार्य कराए गए हैं लेकिन एक बड़ा समय कोरोना काल में बीत गया। फिर भी पेयजल व्यवस्था योगी तालाब को भरने की व्यवस्था सीसी रोड निर्माण सहित अनेक कार्य कराए गए हैं।

भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोपों के इस दौर के बाद सरायपाली नागरिक एकता समिति के अध्यक्ष अमित आहूजा ने कहा कि 1 साल के कार्यकाल का आकलन करना शायद जल्दी बाजी है क्योंकि अधिकांश समय को रोना में बीता है आगे अनेक विकास कार्य कराए जाने हैं इसके आधार पर नगर की जनता परिषद का मूल्यांकन स्वयं करेंगी।

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