छत्तीसगढ़

अडानी ग्रुप के हिंडनबर्ग मामले में 15 मई को अगली सुनवाई |


Adani Hindenburg Case: अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने 24 जनवरी 2023 को अडानी समूह के खिलाफ अपनी रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में अडानी समूह पर कई गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद अदानी मामले की जांच की मांग की जाने लगी और संसद में भी हंगामा हुआ। फिर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने अडानी ग्रुप पर जांच के लिए एक छह सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल का गठन किया। सुप्रीम कोर्ट में आज अडानी हिंडनबर्ग मामले पर दायर याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है।

कोर्ट के आदेश के बाद 6 सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल ने 8 मई को सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद कवर में अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। उसके बाद इसे चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ के सामने पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेबी को जांच के लिए तीन महीने की वक्त दिया जा सकता है। बता दें कि सेबी ने अडानी ग्रुप के खिलाफ हिंडनबर्ग की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच पूरी करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा था। इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार, 15 मई को होगी।

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अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने 24 जनवरी को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा गया था कि अडानी ग्रुप की कंपनियां 80 फीसदी ओवरवैल्यूड हैं। साथ ही आरोप लगाया गया था कि ग्रुप हेरफेर करके शेयरों के दाम बढ़ाता है। हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर मार्केट में हेरफेर और अकाउंट में धोखाधड़ी का आरोप भी लगाया था। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अडानी ग्रुप के शेयर काफी गिर गये थे। वैसे गौतम अदानी के नेतृत्व में अदानी ग्रुप ने इस आरोपों को निराधार और गलत बताया था।

सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर जज जस्टिस अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में आम निवेशकों के हितों की रक्षा पर सुझाव मांगा था। साथ ही सेबी को आदेश दिया कि वह अडानी समूह पर लगाए गए आरोपों की जांच करे। कोर्ट के इन दोनों को दो महीने का समय दिया था। जस्टिस सप्रे कमिटी ने 8 मई को सुप्रीम कोर्ट में अपनी सीलबंद रिपोर्ट दाखिल कर दी। लेकिन सेबी ने अदानी मामले की जांच के लिए और छह महीने का समय मांगा है।



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