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सरगुजा- टापू में बदल जाता है ये बस्ती, स्कूल जाने और आवागमन के लिए करना पड़ता है नदी पार


मुन्ना पांडेय लखनपुर— जंप क्षेत्र के सुदूर वनांचल ग्राम पटकुरा के आश्रित ग्राम कुकुर टांगा घाटोन तथा चीता घुटरी जहां पूल का अभाव आज भी बरकरार है बरसात के दिनों में कुकूरटांगा बस्ती नाला में पुलिया नहीं होने कारण टापू में तब्दील हो जाता है।

दरअसल कुकुरटांगा अपने मूल ग्राम पंचायत से अलग हो जाता है यहां के लोगों को बरसात के समय ब्लाक मुख्यालय अस्पताल हाट बाजार आने जाने में भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ता है। गांव के बीच बहने वाली नदी में पुल नहीं होने से गांव के रहवासियों को महिनों अलग जीवन बसर करना पड़ता है आवागमन अवरूद्ध हो जाता है।

कभी वक्त जरूरी जान जोखिम में डालकर नाला के आरपार आना जाना पड़ता है। बीमार ग्रस्त लोगों को उच्च अस्पताल पहुंचने के लिए नदी के बाढ़ का पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है। यहां तक की पढ़ने वाले स्कूली बच्चों को तेज बहाव के बीच नदी से गुजर कर स्कूल आना-जाना करते हैं।

आलम ऐसा भी होता है कि बरसात के दिनों में बच्चे माह भर तक स्कूल जाया नहीं करते । जान जोखिम में डालकर नाला पार कर स्कूल जाया करते हैं । लोगों को राशन एवं तथा अन्य जरूरी सामानों के लिए बरसात के समय कुकूर टांगा नाला पार करके जाना पड़ता है।

नदी में पानी भर जाने कारण बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता हैं लोग राशन एवं स्वास्थ्य संबंधित अन्य वस्तुओं को कठिनाई से लाते है । इस परेशानी की जानकारी क्षेत्र के विधायक जनप्रतिनिधियों को दिए जाने के बाद भी आज पर्यन्त कुकुरटांगा नाला में पुलिया निर्माण कार्य नहीं हो सका है।

ग्रामीणों में रामलाल यादव ननका जगदीश एवं अन्य ग्राम वासियों ने कुकुर टांगा नदी में पुल निर्माण कराये जाने मांग की है। पुल नहीं बनने के स्थिति में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे जाने की बात कही है ।





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