खपरी- भागवत ज्ञान सप्ताह का आज पंचम दिवस, धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव – cgtop36.com

खपरी,राजनांदगांव में अपने पूर्वजों के निमित्त पांडे परिवार के द्वारा आयोजित भागवत ज्ञान सप्ताह का आज पंचम दिवस पूर्ण हुआ जंहा आचार्य युगल किशोर शर्मा ने अनुराग और वैराग्य पर विशिष्ठ व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि वैसे तो दोनों विधाएं पूर्ण और मंजिल की ओर ले जाती है लेकिन आपकी जैसी प्रकृति प्रवित्ति हो उसे चुन लें लेकिन याद रखे बिना अनुराग के वैराग्य शुष्क है और बिना वैराग्य के अनुराग कभी भी स्खलित हो सकती है।सम्पूर्ण सृष्टि में केवल मानव ही ऐसी प्रजाति है जो विचारवान है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का अपना मत होता होता है,जिसके कारण समाज में मतांतर का होना स्वाभाविक है।
लेकिन प्रयास करें आपके जीवन में एक आदर्श जरूर रखे जो आपके विचारों को दिशा प्रदान करें वो किसी भी रूप में हो चाहे गुरु,सखा,संत,भाई या पत्नी भी क्यों न हो बस ध्यान रहे वह सदाचारी हो अन्यथा आप अपने अनुभव को सार्वभौम सिद्घ करने के प्रयास में लगे रहेंगे। जो विवाद की स्थिति निर्मित कर सकती है।यह बात तो निश्चित है कि अनुभव कभी किसी का गलत नही होता क्योंकि वह आपबीती होती है लेकिन किसी और पर अपने अनुभव को थोपना अच्छी बात नही है।पंडित जी ने श्रोताओं से कहा कि दूसरों को जानने से बेहतर खुद को जानने का प्रयास पहले करें अपने अंदर अवचक निरीक्षण करें आपकी प्रकृति,प्रवित्ति विचारों की दिशा,दूसरों के प्रति व्यवहार इत्यादि कैसा है। जिस दिन आपने अपनी प्रकृति जान ली उस दिन आपके गुण और दोष दोनों का स्पष्ठ दर्शन होने लगेगा और वह पल रोमांचकारी होगा क्योंकि वह खुदा से मिलने का प्रथम पायदान होगा।
पंडित जी ने समुद्र मंथन की व्याख्या करते हुए कहा कि जब आप सद्कर्म करते है तो लोग आपकी निन्दा करते है आप घबराए नही बस अपने कंठ में धारण कर ले नीलकंठ भगवान जैसे न उगले न लीले।
निगलेंगे तो क्रोध का बीजारोपण होगा उगलेंगे तो विनाश होगा।
भागवत कथा आपकी आवश्यकता की पूर्ति नही वरन आपके लिए जो आवश्यक हो वह प्रदान करती है।
आज धूमधाम से कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया सैकड़ों की संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहें।




