गरियाबंद – देवभोग इलाके के सोसाइटी किसानों के ऑनलाइन कामकाज ठप्प, रात से बिजली गुल इंतजार में बैठे सैकड़ों किसान हो रहे परेशान

गिरीश गुप्ता देवभोग – गरियाबंद जिले के अंतिम छोर उड़ीसा बॉर्डर से सटे देवभोग के किसानों के ऑनलाइन सम्बंधित कागजी कार्यवाही जारी है कृषि साख सहकारी समिति में किसानों की भीड़ जमा हो रहा है शासन के निर्देश अनुसार खाद, बीज, ऋण का वितरण होना है पर उसके लिए काफी सारे डॉक्यूमेंट को ऑनलाइन प्रविष्ट करना होता है जिसके लिए किसानों की आधार, केसीसी, फिंगरप्रिंट जैसे अनेक प्रकार काम काज ऑनलाइन किया जाता है पर इन सारे ऑनलाइन वाले काम आज ढप पड़ गया है किसान सुबह से दफ़्तर के बाहर अपने पारी का इंतजार करते नज़र आये वही घण्टो बाद भी अव्यवस्था बनी रही
बतादें बीती रात तेज़ आंधी तूफान के साथ बारिश भी जमकर हुआ जिसके चलते बिजली व्यवस्था पर काफी विपरीत प्रभाव पड़ा लिहाज़ा रात से ही बिजली गुल है जब बिजली आएगी तभी किसानों के काम होंगे इसी तरह अव्यवस्थाओं का मार झेलते हुए दर्जनों किसान अपने पारी का इंतज़ार करते हुए दफ्तर के बाहर बैठे हुए थे ज्ञात हो कि अभी खरीफ का सीजन शुरू हुआ है खेती के लिए आवश्यक खाद बिज की जरूरत है ऐसे में सरकार द्वारा किसानों के लिए मुहैया कराया गया कृषि सामग्री की जरूरत को देखते हुए किसान बिजली का इंतज़ार कर रहे है कि बिजली आएगा, कम्प्यूटर चलेगा, ऑनलाइन होगा, सरकारी लाभ मिलेगा, खाद बीज लेकर घर जाएगा ?
बड़ा सवाल व्यवस्थाओं को लेकर
देवभोग इलाके में बिजली का जाना कोई नया बात नहीं है हर मौसम कुछ न कुछ समस्याएं होती रहती है कभी आंधी तूफान तेज़ हवाएं के चलते तो कभी भारी बारिश में जमीन खिसकने से वहीँ गर्मी के दिनों अतिरिक्त्त लोड बढ़ने से इस तरह अपने अंदर दर्जनों समस्याओं को समेटे हुए देवभोग बिजली व्यवस्था सुर्खियों में रहता है।

खबरों की माने तो क्षेत्रीय लोगों की मांग को देखते हुए नगरी (धमतरी) से बिजली बहाल करने कि खबर मिली थी जानकारों की माने तो उसके लिए अभी समय लग सकता है मौज़ूदा हालातो को देखे तो पिछले कई दिनों या यूं कहें कई महीनों से क्षेत्र के लोगों को इस समस्या का सामना लगातार करना पड़ रहा है दुसरीं ओर बिजली विभाग भी लगातार दौरे पर है बिजली की व्यवस्था को बहाल करने में जुटा हुआ है घने जंगलों और मौसम के मार से बिजली का तार टूटना खम्बे गिरना जारी है फिलहाल मुस्तैदी से बिजली विभाग काम पर जुट गया है उदन्ती के घने जंगल पहाड़ी आंधी तूफान बारिश रास्ते के आड़े आ रहे हैं मरम्मत का काम जारी है और उम्मीद है कि बिजली व्यवस्था जल्द ही बहाल हो सकेगा
सोसायटी दफ्तरों में जनरेटर है या नहीं है ?
किसानों के काम काज मे आ रही समस्या बिजली की अभाव से बंद हो रहे काम को देखकर वैकल्पिक संसाधनों पर सवाल उठता है की क्या देवभोग कृषि साख सहकारी समिति में बिजली की अनुपस्थिति में कोई वैकल्पिक साधन जनरेटर नहीं है अगर है तो उपयोग में क्यों नहीं ? इस तरह के समस्याओं से निपटने को लेकर कोई व्यवस्था होनी चाहिए जिससे कर्मचारियों को भी काम मे दिक्कतें का सामना करना नहीं पड़ता और किसानों को भी राहत मिल जाता
किसान अपने खेती बाड़ी के काम छोड़कर बिजली आने के इंतज़ार में घण्टों भइठे है इन दिनों खेती की मरम्मत, खेतो की जोताई, जैसे अनेक काम सर पर है वाबजूद किसान आस लेकर देवभोग कृषि साख सहकारी दफ्तर के बाहर सुबह से बैठे हुए हैं अब समाचार लिखने के समय 1.बजे तक बिजली नहीं आया है !




