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छत्तीसगढ़ -वन कर्मचारी 8 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, कांकेर से सूरजपुर तक जंगलों में आग ही आग – cgtop36.com


छत्तीसगढ़ में वन कर्मचारी संघ के आह्वान पर वन कर्मचारी 8 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे है. वन कर्मचारियों के हड़ताल में जाने से वनों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. ETV भारत ने कांकेर जिला मुख्यालय में 8 दिनों से बैठे वन कर्मचारियों से बात की. उन्होंने बताया कि बस्तर संभागीय अध्यक्ष ने बताया कि ‘प्रदेशभर में दस हजार वन कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है. कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से वनों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. कर्मचारियों ने सरकार से 12 सूत्रीय मांग की थी. लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई है’.

छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ द्वारा बीट गार्ड, वनपाल, उपवनपाल, क्षेत्रपाल और वन क्षेत्रपाल के पद नाम में संशोधन करने की मांग किया गया था. जिसे वन विभाग ने संशोधन किया है. संशोधन के बाद अब वनरक्षक और बीड गार्ड को फॉरेस्ट ऑफिसर वनपाल को सर्किल फॉरेस्ट ऑफिसर, उपवनक्षेत्रपाल को सीनियर सर्किल फॉरेस्ट ऑफिसर और वन क्षेत्रपाल को ऑरेंज फॉरेस्ट ऑफिसर के नाम से जाना जाएगा।

छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ ने बताया कि छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के बैनर तले 21 मार्च 2022 से प्रदेश भर के करीब दस हजार कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है. हड़ताल के कारण जंगल में अवैध कटाई का खतरा बढ़ गया है. गर्मी के दिनों में जंगलों में आग भभक रही है. लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल में जाने के कारण आग बुझ नहीं पा रही है. अगर हड़ताल लंबे समय तक चला तो नुकसान होना तय है. कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से वनों की सुरक्षा खतरे में है. इसके अलावा वन कार्यालय और जंगलों का कामकाज ठप्प हो गया है।

वहीँ सूरजपुर जिले के दूरस्थ ग्राम चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में विगत एक सप्ताह से जंगल में भीषण आग लगी हुई है। इस आग पर गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान रेहण्ड पार्क परीक्षेत्र क्षेत्र महुली वन विभाग बिहार पुर द्वारा काबू पाने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में जंगल के आस-पास स्थित ग्रामीणों के घर अब आग की चपेट में आ सकते हैं। इस आग ने जंगल के बीच वन प्राणी छोटी बड़ी विशाल पेड़ वही आग प्रदूषण गांव के ओर कई बीमारियों को दे रहे हैं न्योता पुरा गाव धुवा ही धुवा।अवन्तिकापुर, कोल्हुआ, महुली,कछवारी, चोंगा,खैरा,कसौटी पेंडारी, पासल, नवडिहा, कछिया,जुडवनीया मोहरसोप, बसनरा, खोहिर, बैजनपाठ, लुल, तेलाईपाठ, भून्डा, रसौकी, रामगढ़, उमझर, पालकेवरा, छतरंग, बाक, कुदरगढ़,व के जंगल हो रहे हैं प्रभावित।

गौरतलब है कि सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर के जंगल में करीब सप्ताहभर से भीषण आग लगी हुई है। आग को बुझाने न तो प्रशासन नही गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान एव वन विभाग द्वारा कोई प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में उन ग्रामीणों को परेशानी हो रही है जिनके घर जंगल के बीच स्थित हैं। जंगल में लगी आग का रुख अब इन गांव की ओर हो गया है। जंगल में चारों ओर आग की लपटें और धुएं के गुबार नजर आने लगे हैं। चांदनी-बिहारपुर से लगे पहले ही जगल में आग ने भीषण रूप ले लिया और जगल पूरी तरह से जलकर खाक हो गया। जगल में भीषण आग लगने से लगभग करोड़ों पौधा एवं किसी।वन विभाग ने भी मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया । वहीं क्षेत्र के लोगों ने आग को बुझाने की मांग भी वन विभाग से की है।



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