छत्तीसगढ़

खुज्जी विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने 50 शालाओं के लिए 50 स्मार्ट टीवी का लोकार्पण किया

आशीष शर्मा संवाददाता – छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास तथा सहकारिता विभाग मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने छुरिया विकासखंड के ग्राम तेलिनबांधा में जोन स्तरीय स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया। छुरिया विकासखंड के 3 संकुल तेलिनबांधा, जोब और खोबा के 50 स्कूलों के लिए स्मार्ट टीवी का  इस अवसर पर लोकार्पण हुआ। यहां आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने तेलीनबांधा हाई सेकेण्डरी स्कूल को उन्नयन करने की घोषणा की।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि शासन द्वारा बहुत सी योजनाएं लागू की गई है और इन योजनाओं में जनसहयोग करने से लोगों के मन में भावनात्मक भागीदारी आती है। जनसहयोग, शिक्षक, ग्रामवासियों और पालकों के सहयोग से संकुल में जोन स्तरीय स्मार्ट शाला का शुभारंभ बहुत ही सराहनीय है। संकुल के सभी स्कूल को स्मार्ट स्कूल के रूप में परिवर्तन करने के लिए किया जा रहा प्रयास प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि इस नवाचार के माध्यम से क्षेत्र के 927 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरूआत हो चुकी है और आज 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया गया। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि लॉकडाऊन की स्थिति में कोविड-19 के प्रकोप के कारण सबसे ज्यादा पढ़ाई को नुकसान हुआ है। इस स्थिति में पढ़ाई के वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में शासन द्वारा स्कूल के 22 लाख बच्चे और 2 लाख शिक्षकों का पंजीयन कराया गया और प्रदेश में ऑनलाईन पढ़ाई की शुरूआत की गई। जिन स्थानों में नेटवर्क की पहुंच नहीं हैं, वहां मोहल्ला क्लास, लाऊड स्पीकर, बुल्टू के बोल के माध्यम से शिक्षा प्रारंभ कराया गया।

उन्होंने कहा ऑनलाईन पढ़ाई की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ को श्रेष्ठ श्रेणी में चुना गया। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही क्षेत्रिय विधायक छन्नी चन्दू  साहू ने कहा कि कोविड-19 में सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे हुए है। इसी की चिंता करते हुए स्मार्ट क्लास प्रारंभ किया गया। इसमें चिप के माध्यम से बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। बच्चों में डिजिटल रूप में शिक्षा ग्रहण करने की क्षमता अधिक होती है। स्कूलों में अब डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ी पूंजी है। शिक्षा के बिना विकास संभव नहीं है। आने वाले पीढ़ी को अच्छी शिक्षा प्राप्त हो और इतिहास में अपना रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि आमगांव के स्कूल में डिजिटल पढ़ाई प्रारंभ होने से प्रति वर्ष 3-4 बच्चे का चयन नवोदय विद्यालय में होता है। अब सभी स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई प्रारंभ होने से अधिक बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय हो सकेगा। इस अवसर पर शिक्षकों, शिक्षा सारथी, दानदाता, समाजसेवी एवं अधिकारियों को सम्मानित किया गया। वहीं इस अवसर पर मांदर नृत्य एवं स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बना रहा।

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