छत्तीसगढ़

गरियाबंद – मंजिले उन्हें मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती हैं, जन्म से नेत्रहीन बुजर्ग ने अपने हुनर को बनाया जीने का सहारा, नेत्रहीन होने के बावजूद करते है बढ़ाई का काम

गिरिश गुप्ता गरियाबंद:– मंजिल उन्हें मिलती है,जिनके सपनों में जान होती है,पंख से कुछ नहीं होता हौसले से उड़ान होती है, किसी शायर की यह लाइनें बहुत लोगों ने पढ़ी और सुनी होगी, लेकिन मैनपुर विकासखण्ड के दुरस्थ वनांचल के कुहीमाल गांव की कमल नेताम ने इसे खूब ठीक से समझा है और साबित कर दिखाया है कि हौसले के दम पर आसमां भी हासिल हो सकता है।

दृढ़ संकल्प और हौसलों की मिसाल बना 65 वर्षीय बुजुर्ग कमल नेताम में अपने हुनर को ही जीने का सहारा बना लिया, कमल अपने उम्र के आखरी पड़ाव में पहुंच कर भी अपने हुनर को तराशने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं,ख्वाब साथ छोड़ चुके हैं, खुशियों के सूरज डूब चुके हैं, बावजूद इसके इस बुजुर्ग ने जीने की आस नही छोड़ी,एक हुनर जो इन्हें सबसे खास बनाती हैं वो हैं इनके नेत्रहीन होते हुए भी कारपेंटर की कला।

आपको बता दें कि बुजुर्ग कमल दोनों आंखों से देख नही सकते लेकिन इनके अंदर भगवान ने एक खास कला दी हैं,जो आंख रहने वालो भी बहुत कम लोग कर सकते हैं, इनकी यही हुनर से आज वे पलंग, कुर्सी, सोफा सेट, डायनिंग टेबल व अन्य कार्य कर अपनी रोजी रोटी का जुगाड़ कर रहे है, 65 वर्षीय कमल नेताम दोनों आँखों से नेत्रहीन होने के कारण इन्हें ग्राम पंचायत से पेंशन राशि 500 रुपये मिलता हैं जिससे वे महीने भर का टूटे फूटे झोपड़ी में रहकर गुजारा करते हैं।

कमल को अब भी प्रशासन से उम्मीद है कि उसे आवास योजना के तहत आवास व अन्य सहयोग मिलेगा, बुजुर्ग कमल नेताम का उम्र बीत गया पर वे अपनी शारीरिक अक्षमता को बाधा नहीं मानते, बल्कि इसे चुनौती मानकर अपना विकलांगता के खिलाफ अपना जंग जारी रखा हैं, एवं अपने दैनिक कार्य कर भरण पोषण में जुटे हुए रहते हैं, वहीं ग्रामीणों का कहना हैं कि कमल नेताम ने जब से होश संभाला हैं तब से अपने हुनर का इस्तेमाल कर गुजर बसर कर रहे हैं,ना तो शासन के नुमाइंदो ने आज तक इनका कोई मदद किया न ही इन्हें सरकारी आवास मिला।

जनपद पंचायत के सीईओ पहुंचे कमल नेताम से मिलने, दिया आवास निर्माण का आश्वासन

मैनपुर विकासखण्ड के ग्राम कुहीमाल के कमल नेताम जो लगभग 65 वर्ष के बुजुर्ग है आज भी दोनो आंखो से नेत्रहीन होने के बावजूद बढ़ाई का कार्य कर पलंग, कुर्सी, टेबल व अनेक लकड़ी के खुबसुरत सामाग्री बनाते है और इससे मिलने वाले आय से जीविका उपार्जन करते है उनके पास मकान नही है वे घांसफुंस की झोपड़ी मे निवास करने मजबूर हो रहे है इसकी जानकारी मैनपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपकुमार ध्रुव को लगने पर आज ग्राम कुहीमाल पहुंचकर इस आंखो से नेत्रहीन बुजुर्ग कमल नेताम से मुलाकात कर उन्हे कंबल, कपड़ा व कुछ आर्थिक सहायता अपनी ओर से उपलब्ध कराया साथ ही ग्राम पंचायत के सचिव को प्रस्ताव बनाकर भेजने कहा है जिससे जल्द ही इस व्यक्ति को आवास योजना का लाभ मिल सके।

क्या कहते है जनपद के सीईओ

जनपद पंचायत मैनपुर के सीईओ रूपकुमार ध्रुव ने बताया कुहीमाल गांव के कमल नेताम लगभग 65 वर्ष का बुजुर्ग है आंखो से देख नही पाते लेकिन उनके हाथो मे वह जादू व हुनर है कि अपने हाथो से लकड़ी के पलंग, कुर्सी, टेबल व अनेक सामाग्रियो का निर्माण करते है लेकिन इनके पास पक्का मकान नही है सचिव को तत्काल प्रस्ताव बनाकर भेजने कहा गया है। श्री ध्र्रुव ने बताया शासन की बाकी योजना राशन कार्ड, पेंशन का उन्हे लाभ मिल रहा है।

Related Articles

Back to top button