छत्तीसगढ़

शराब दुकानों का समय बढ़ाये जाने के विरोध में दुकान के सुपरवाइजर मिले आबकारी मंत्री से, ज्ञापन सौंप की यह मांग

प्रतीक मिश्रा गरियाबंद – सरकारी शराब दुकान खोलने के समय में वृद्धि किए जाने के विरोध सहित 12 सूत्री मांगों के समर्थन में कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता विशु चक्रवर्ती के नेतृत्व में दुकान के सुपरवाइजर आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की।

आबकारी विभाग के द्वारा शराब दुकान में शराब विक्रय के लिए लागातार समय में वृद्धि किए जाने से नाराज़ शराब विक्रय कर्मी आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विशु चक्रवर्ती के नेतृत्व में अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मिलकर उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराया तथा जल्द से जल्द मांगों पर विचार करने का अनुरोध किया गया है।

मांगे नहीं मानें जाने पर मुख्यमंत्री जी को मांगों से अवगत कराते हुए हड़ताल पर जाने की निर्णय लिये जाने से आबकारी मंत्री को अवगत कराया गया है।

शराब दुकान के कर्मियों की निम्नलिखित मांगे है
1~समय अवधि बढ़ने के कारण दुकान संचालन करने में कर्मचारियों को समस्या आ रही है जिसका असर कर्मीयो पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ रहा है
2~विगत शासन द्वारा 3 वर्षों से मदिरा दुकान का संचालन कर रही है जिसको शासकीय राजस्व में 1500 करोड़ सालाना से 5200 करोड़ सालाना 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है लेकिन दुकान में कर्मचारियों का वेतन में आज तक वृद्धि नहीं हुई है कृपया वेतन वृद्धि पर उचित निर्णय ले।
3~ महिने की समीक्षा बैठक में सभी देशी/विदेशी मदिरा दुकान के मुख्य विक्रयकर्ता को सम्मिलित किया जाये ताकि दुकानों में जो समस्या आती है उससे अवगत कराया जा सके।
4~ दुकान संचालन हेतु मुख्य विक्रयकर्ताओ को महिने में 8 से 10 बार जिला आफिस, प्लेसमेंट आफिस, जेब्रा आफिस आबकारी भवन, आबकारी कन्ट्रोल रूम आना जाना पड़ता है इस हेतु मुख्य विक्रयकर्ताओ को उचित मित्रता देने हेतु निर्णय लिया जाये।
5~समय पर दुकानों में स्टेशनरी समान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए।
6~ भण्डारण,टुट फुट हेतु उचित नियम बनाया जाय ताकि कर्मचारियों को सैलरी से काटने की समस्या ना आए।
7~ करोना महामारी में सभी कर्मचारियों का स्वास्थ्य बीमा कराया जावे और कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट भी करवाया जाये।
8~ माह के प्रत्येक 10 तारीख तक कर्मचारियों का वेतन भुगतान किया जाये, जिससे कर्मचारियों की आथिर्क स्थति खराब ना हो।
9~प्लेसमेन्ट कंपनी को बदल कर सभी कर्मचारियों को CSMCL में संविदा आधार पर विलय कर csmcl के द्वारा संचालित कराने हेतु उचित निर्णय ले।
10~ कर्मचारियों के स्वय होकर कार्य छोड़ता है तथा दुकानों में किसी भी प्रकार की हानि नहीं है तो कर्मचारियो का सुरक्षा निधि एवं वेतन 10 दिवस के अन्दर प्लेसमेट कंपनी वापस करे।( 2017 से प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा किसी भी छोड़े गए कर्मचारियों को सुरक्षा निधि राशि वापस नहीं किया गया है उसे वापस दिलाया जाए)।
11~ प्रत्येक माह का आडिट रिपोर्ट दुकान के सुपरवाइजर को उपलब्ध कराई जाए।
12~ आन लाइन डिलीवरी के लिए अलग से डिलीवरी बाय की नियुक्ति किया जाए।
उपरोक्त मांगों पर जल्द निर्णय लेने का अनुरोध किया मांगों पर विचार नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री जी को मांगों से अवगत कराये जाने पर विचार किया जाएगा।

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