छत्तीसगढ़: प्रदेश सरकार ने भूमिहीन परिवारों को न्याय दिलाने हेतु उठाए कदम, जानें क्या है पूरा मामला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसान न्याय योजना के बाद अब भूपेश सरकार ने प्रदेश के लाखों भूमिहीन परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस योजना के लिए पंजीयन की तिथि 1 सितंबर से 30 नवंबर तक तय की है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के भूमिहीन मजदुरों की चिंता करते हुए कहा कि प्रदेश में जिन किसानों के पास अपनी खेती की जमीन हैं, उनके लिए सरकार ने पहले ही न्याय योजना शुरू कर दी है, जिसकी वजह से प्रदेश के किसान जहां कर्ज से मुक्त हो रहे हैं, तो समृद्धि की दिशा में उनके कदम बढ़ते जा रहे हैं। देश में केवल छत्तीसगढ़ ही एक ऐसा राज्य है, जहां धान का समर्थन मूल्य 2500 प्रति क्विंटल की दर से किसानों को दिया जा रहा है।
सीएम बघेल ने कहा कि अब बात प्रदेश के उन गरीब परिवारों की है, जिनके पास अपनी जमीन तक नहीं है। दूसरों की जमीन पर मजबूरी कर वे अपना जीवन यापन कर रहे हैं, इससे उनकी समस्याएं कम नहीं हो सकती। लिहाजा अब सरकार ने उनके लिए चिंता शुरू कर दी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए यह कदम उठाया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 10 भूमिहीन परिवारों के खातों में हर साल 6 हजार रुपए डाला पहला राज्य होगा।



