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छत्तीसगढ़ का एक गांव ऐसा जहां 6 किमी किमी की जर्जर सड़क के बजाय जाना पड़ता है 100 किलोमीटर, ग्रामीणों के जी का जंजाल

सोनू केदार अम्बिकापुर – सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लाक में एक ऐसा ग्राम पंचायत है जहां 6 किलोमीटर की सड़क ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है। 6 किलोमीटर की जर्जर सड़क की वजह से ग्रामीणों को 100 किलोमीटर का सफर ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने के लिए तय करना पड़ता है। इस बदहाल सकड़ की वजह से ग्रामीण संघर्ष की ज़िंदगी जीने को मजबूर हो गए है। देखिये एक खास रिपोर्ट

सरगुजा जिले में शासन हो या प्रशासन विकास के लाख दावे कर ले लेकिन आज भी जिले में कई ऐसे अंदरूनी क्षेत्र है जहां विकास पहुंचा ही नही है और पहुंचे का भी कैसे क्यो की जिस रास्ते विकास को गांव तक पहुंचना है वहां सकड़ ही नही है। हम बात कर रहे है लखनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत डांड़केसरा की। यहां के ग्रामीण सड़क के अभाव में संघर्ष का सफर तय करने को मजबूर है और ये सफर महज 6 किलोमीटर की है। जिस वजह से ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लगभग 100 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।

दरअसल मैनपाट के तराई क्षेत्र में बसा ग्राम पंचायत डांड़केसरा आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ब्लाक मुख्यालय लखनपुर से ग्राम पंचायत की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है। लेकिन मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली 6 किलोमीटर की सड़क का निर्माण आज तक नहीं हो सका है। ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए जंगल के रास्ते 6 किलोमीटर का मुश्किल सफर तय करना पड़ता है। यही नही इस मार्ग पर बाइक और ट्रैक्टर के अलावा दूसरी वाहन दूर दूर तक नज़र नही आती है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसन में मुसीबत और भी बढ़ जाती है। दरसअल पक्की सड़क नहीं होने की वजह से बारिश के मौसम में ग्राम पंचायत का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है। जिस वजह से ग्रामीणों को जनपद कार्यालय लखनपुर तक पहुचने के लिए 100 किलो मीटर का सफर तय करना पड़ता है।

ग्रामीणों की समस्या यही खत्म नही होती गांव में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं होने की वजह से ग्रामीणों को उपचार कराने मैनपाट जाना पड़ता है। ग्रामीण जब बीमार पड़ते है तो सड़क के अभाव में इलाज कराने के लिए उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। यही नहीं बारिश के सीजन में गर्भवती महिलाओं के लिए यह 6 किलोमीटर की सड़क मुसीबत बन जाती है। इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने महज 6 किलोमीटर की सड़क के लिए कईयों बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई बावजूद इसके उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ।

इधर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत का कहना है कि जल्द गांव में सड़क का निर्माण करवाया जायेगा। बारिश के पहले ग्रामीणों की समस्या दूर हो जायेगी। बहरहाल अब देखने वाली बात है कि मंत्री अमरजीत भगत के आश्वासन के बाद ग्रामीणों की समस्या का निराकरण होता है या नहीं या फिर ग्रामीणों के मुश्किल रास्तों का सफ़र जारी रहेगा.. अंबिकापुर से सोनू केदार की रिपोर्ट

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