10 करोड़ की लागत से बना 50 बिस्तर का मातृ शिशु अस्पताल 4 साल पहले, आज तक ईलाज सिफर चूंकि शुरू ही नही हो पाया अस्पताल

हरीश यादव महासमुंद – जिले के पिथौरा नगर में जिले के एकमात्र 50 बिस्तर वाला मातृ शिशु अस्पताल 4 वर्ष पूर्व बनाया था जो अब तक शुरू नहीं हो पाया है छत्तीसगढ़ मे बीजेपी के सरकार के समय महासमुंद जिले में छोटे-छोटे बच्चों एवं दूरदराज के गरीब लोगों के लिए यहां छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड योजना के तहत 10 करोड़ रु की की लागत से शिशुओं के लिए हॉस्पिटल बनाया गया है

लेकिन आज दिनांक तक इसमें इलाज शुरू नहीं हो पाया है जिससे महासमुंद जिले के लोगों को लंबी दूरी तय कर राजधानी रायपुर में इलाज कराने जाना पड़ता है वही एक तरफ लगभग 3 वर्ष पहले छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार के बदल जाने के बाद 3 वर्ष से राज्य में छत्तीसगढ़ मैं कांग्रेस के पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बाद भी इस सरकार में भी अस्पताल शुरू नहीं हो पाया है अस्पताल शुरू नहीं होने के कारण सालों से पढ़े अस्पताल के लिए आया मशीन एवं सामग्रियां जंग लगने से खराब होने लगा है
एवं अस्पताल परिसर में जगह-जगह दरारें आना शुरू हो गया है एक तरफ कोरोना के तीसरी लहर मे बच्चे ज्यादा प्रभावित होगे वैज्ञानिक एव विशेषज्ञ कह रहे है चेतावनी दे रहे है ऐसे वक्त मे अस्पताल सामग्री से लैस अस्पताल का बंद होना प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को कटघरे मे खड़ा करता है अब मामला उगाकर होने के बाद देखना होगा क्या उच्चाधिकारी इसमें संज्ञान लेते है
जिस उदेश्य से अस्पताल खा निर्माण किया गया था वो उदेश्य संफल कब तक होगा यह देखनी वाली बात होगी स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव का हवाला देकर स्थानीय प्रशासन के द्वारा दावा किया जा रहा है की हफ्ता 10 दिन के अंदर इस जिले के सबसे बड़े 50 बिस्तर वाला बच्चों के इस मातृ शिशु अस्पताल उद्घाटन करने का दावा कर रही है अब देखना होगा की प्रशासन स्तर पर यहां दावा ही किया जाता है कि अस्पताल का उद्घाटन कर इसे जनहित में शुरुआत की जाती है या नही



