
ग्राम कलारतराई के कुछ ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत परसुली के तालाब को सात साल के लिए लीज में लिया ताकि वे तालाब में मछली पालन कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सके… लेकिन इन दो सालों में ग्रामीण मछली का उत्पादन नहींं कर पाए। उल्टे जिन समिति से यह ठेका लिया गया था, उन्होंने मछली बीज को बेंच दिया. मामले की शिकायत लेकर ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे.
तालाब लीज में लेने के बाद भी उत्पादन नहीं होने से उन्हें अब आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.नान्हू सिन्हा, दाउलाल निषाद ने तालाब को लीज में लेने और पूर्व के मछली बीज के नुकसान की भरपाई व मछली चोरी कर बेचने वालों पर कार्यवाही की मांग जिला प्रशासन से की है… इस संबंध में सहायक संचालक मछली पालन बीना गढ़पाले ने कहा कि वस्तु स्थिति की जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।





