राजनांदगांव जिले के छुरिया क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत रानीतलाब में इन दिनों सरपंच के द्वारा दिए गए शपथ पत्र को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि स्टाम्प पेपर में दिए गए शपथ पत्र के अनुसार काम नहीं हो रहा है। घोषणा पत्र में किए गए जनप्रतिनिधियों के वादे से आम लोगों का भरोसा उठने लगा है, ऐसे में घोषणा पत्र शपथ पत्र के रूप में स्टाम्प पेपर में भी बांटने का चलन हो चुका है।
राजनांदगांव जिले के ग्राम रानीतालाब में भी सरपंच के द्वारा चुनाव के वक्त शपथ पत्र बांटकर कई कामों को पूरा करने का वादा किया गया है, लेकिन अब यहां के ग्रामीणों को उनके इस वादे पर भरोसा नहीं हो रहा है, क्योंकि शपथ पत्र पर स्थानीय सरपंच ग्रामीणों को खरे उतरते नजर नहीं आ रहे हैं।
जनपद पंचायत छुरिया का यह मामला पंचायत वर्ष 2015 में अस्तित्व में आया है। वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव पर समान्य महिला सरपंच पद के लिए जिसमें चुनाव लड़ने मैदान पर 6 महिला प्रत्याशी उतरे थे। जिसमें पहली बार कौशल्या बांधे विजयी होकर सरपंच पद को संभाला था। वर्ष 2020 त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में फिर जीतने की उम्मीद को लेकर उन्होंने बकायदा ₹100 के स्टांप पेपर में घोषणा पत्र बानाकर तीनों गांव रानी तालाब, कुकरा डी, और सड़क बंजारी में अलग-अलग घोषणा कर चुनाव जीत गई। इस बार चुनाव मैदान में तीन महिलाएं मैदान में उतरी थी। फिर दूसरी बार सरपंच पद को पा लिया, लेकिन अभी तक 7-8 माह में घोषणा पत्र के किसी भी वादा को पूरा नहीं कर पाने से ग्रामीणों में नराजगी है।
इस घोषणा पत्र में बकायदा नोटरी भी किया गया है। ₹100 के स्टांप को घर-घर जाकर बांटा गया है। कुछ ग्राम के लोगों का यह तक कहना है जो स्टांप नोटरी कर दिया गया उसमें सरपंच का हस्ताक्षर ही फर्जी होने की आंशका है। जिसकी जांच होनी चाहिए। जिसके लिए गांव के लोग न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को भी तैयारी कर रहे हैं।
घोषणा पत्र के माध्यम से किए कई वादों में लिखा है कि पंचायत भवन एवं पूर्व में की गई सभी भवनों का लोकार्पण शपथ लेने के 10 दिनों के अंदर करूंगी। पिछले कार्यकाल में दो आंगनबाड़ी भवन और पंचायत भवन का निर्माण हुआ है, जिसमें किसी का अभी तक लोकार्पण नहीं हुआ है। पंचो का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखने के वादे बकायदा नोटरी कर स्टंप पेपर में लोगों को रिझाने किया गया।
रानीतालाब में पूर्व में बने जर्जर शीतला मंदिर राधा कृष्ण मंदिर एवं ठाकुर दईया के लिए संयुक्त सामुदायिक भवन का 6 माह के अंदर निर्माण करवाऊंगी। ऐसा बहुंत सी अलग-अलग घोषणा पत्र रानीतलाब पंचायत व आने वाले आश्रित ग्राम के रह वासियों को दिया गया था। इस गांव के लोगों की समस्या जस की तस बनी हुई है। यहां नाली निर्माण के बाद से नाली की सफाई नहीं हुई है । नाली अधिक गहरा होने के कारण पानी का बहाव नहीं होता और बदबू से लोग परेशान हैं। जिससे संक्रमण का भी खतरा नजर आ रहा है।




