
छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा समय-समय पर बेरोजगारी को कम करने के लिए कई योजनाए निकालती रहती हैं। वर्तमान में कोरोना प्रकोप के कारण कई लोगो को बेरोजगारी का सामना भी करना पड़ा था। इसको देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने पौनी पसारी के तहत योजना शुरू करने का निर्णय लिया, लेकिन आरोप है कि सरकार की इस योजना को नगर निगम जोन 2 के जिम्मेदार अधिकारीयों के द्वारा पलीता लगाया जा रहा है,जहाँ नियम से नाम चयन के दौरान सभी आवेदनकर्ता को सूचना दिया जाना था,वो नही दिये और अधिकारी गुप-चुप तरीके से बंद कमरे से सूची जारी कर दिया गया।
दरअसल पौनी पसारी योजना को शुरू करने का निर्णय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा मंत्री परिषद की बैठक में लिया गया था,,इस योजना से छत्तीसगढ़ राज्य के पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी प्रदान होंगे। इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा पौनी पसारी बाजारों का निर्माण कराया गया,और साथ ही पात्र व्यक्ति को अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा पूर्ण रूप से सक्षम बनाया जाएगा।लेकिन आरोप है की इसके उलट नगर निगम बिलासपुर के तिफरा जोन 2 के जिम्मेदारो,,अधिकारी के पास पौनी पसारी योजना में कुल 39 आवेदन आए थे, इस दौरान पात्र और आपात्र हितग्राहीयो की नाम चयन के समय जोन 2 के अधिकारी न तो किसी हितग्राही को सूचना दियें और नाही इसको लेकर कोई लॉटरी प्रक्रिया के तहत निकाला गया है,,, नगर निगम जोन ऑफिस पहुंचे लोगों का कहना था कि जोन कमिश्नर के द्वारा बंद कमरे में इस सूची को तैयार किया गया है,अगर जांच होती है तो ऐसे कई पौनी पसारी योजना आबंटन प्रक्रिया में अनियमितता सामने आ सकती है,,, हम चाहते हैं की इसमें पारदर्शिता होना चाहिए, और सारे हितग्राहियों को बुलाकर उनके सामने लाटरी पद्धति से या सूचना देकर ही पात्र लोगों को इस प्रक्रिया के तहत शासन का जो गाइडलाइन होगा उस आधार पर नाम जारी करना चाहिए,,अगर ऐसा नहीं किया गया तब सूची निरस्त होना चाहिए,,बता दे कि तिफरा मे कुल 24 दुकान है,,दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार पारंपरिक व्यवसायो को बढ़ावा देना चाहती हैं
ताकि राज्य में बेरोजगारी कम हो और रोजगार के नए अवसर प्रदान किये जा सके। मशीनों के आने के कारण पारंपरिक व्यवसायो में कमी आ रही हैं,,और जिन लोगो को यह पारंपरिक वस्तुए इतियादी बनाने का कौशल हैं वह भी बेरोजगार हो रहे हैं। पौनी पसारी योजना के कारण इन व्यवसायो की गति फिर से बढ़ेगी एवं लोग आत्मनिर्भर बनेगे। और साथ ही राज्य में बेरोजगारी दर कम होगी,,बता दे कि इसमें नियमंतह छत्तीसगढ़ पौनी पसारी योजना के लिए पात्रता आवेदन करने वाला छत्तीसगढ़ का स्थायी निवासी होना चाहिए, आवेदन करने वाले के पास पहले से कोई रोजगार नहीं होना चाहिए।वह बेरोजगार होना चाहिए साथ ही आवेदन करने वाला किसी भी पारंपरिक व्यवसाय का काम जानने वाला होना चाहिए।




