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देवभोग’ के दूध से बनेगी सरकारी दफ्तरों की चाय, मुख्य सचिव ने दिए सख्त आदेश

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ देवभोग के उत्पाद को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इसका अधिक से अधिक उपयोग शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में किया जाए, इसके मद्देनजर मुख्य सचिव आर. पी. मंडल ने विस्तृत दिशा निर्देश किए गए है।

मुख्य सचिव मंडल ने सभी विभागध्यक्षों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों को जारी अपने पत्र में लिखा है कि सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा देवभोग ब्रांड से दूध, मिल्क पाउडर, दही, लस्सी, छाछ, पेडा, श्रीखण्ड, रबड़ी, घी एवं दुग्ध कुकीज का निर्माण किया जाता है, जो सहजता से बहुतायत रूप से उपलब्ध है।

इसका उपयोग शासकीय आयोजनों, कार्यक्रमों, जेल, उपजेल, आश्रम, बटालियन आदि में किया जाना चाहिए, ताकि दुग्ध महासंघ से जुड़े राज्य के दुग्ध उत्पादक किसानों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने अपने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि देवभोग ब्रांड के उत्पाद की गुणवत्ता का परीक्षण कई स्तरों पर किया जाता है। इसमें किसी भी तरह की मिलावट नहीं होती है।

इसके विक्रय से शासन को जीएसटी एवं अन्य कर भी प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा है कि जिन विभागों के आयोजनों में बाह्य केटरिंग की जाती है, वहां आउट सोर्सिंग एजेंसी दुग्ध महासंघ के उत्पाद का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने इस संबंध में पूर्व में जारी आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, आईसीडीएस के अंतर्गत आंगनबाड़ियों, आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावासों में भी आवश्यकतानुसार दुग्ध महासंघ द्वारा उत्पादित सामग्रियों का उपयोग किया जाना है।

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