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दूकान की नीलामी तो की गई पर आबंटन के नाम पर अब तक ढ़ेला भी नहीं, मंत्री अमरजीत भगत ने किया था उद्घाटन पर अब तक नतीजा सिफर

रोजगार के अवसर देने के लिए बनाई गई दुकान प्रशासनिक अधिकारियों के उदासीनता की वज़ह से बंद पड़ी हुई है लेकिन इसके बावजूद भी नगर पंचायत नोटिस काट कर बकाया राशि के भुगतान करने के लिए दबाव बना रहा है दरअसल मामला सरगुजा जिले के सीतापुर जनपद पंचायत का है।

ये बंद दुकानों की तस्वीर सीतापुर जनपद पंचायत के बस स्टैंड की हैं। इस नवीन बस स्टैंड का उद्घाटन प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के हाथों किया गया है जिसकी लागत तकरीबन 33 करोड 19‌ लाख रुपये है। विडंबना देखिए दुकान की निलामी तो कर दी गई लेकिन आवंटन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई जिसकी वज़ह से रोजगार की आस लिए बैठे बेरोजगार इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं इतना ही नहीं बकाया राशि के भुगतान के लिए जनपद पंचायत नोटिस जारी कर भुगतान जल्द कराने के लिए दबाव बना रहा है जबकि कोरोना काल में लोगों की आर्थिक हालत खस्ता है।

गरीब अपनी जमा पूंजी का निवेश कर बस स्टैंड की दुकान निलामी प्रक्रिया में शामिल हुए। पगड़ी के नाम पर 10 लाख 51 हज़ार रुपए में दुकान का सौदा हुआ जिसके लिए पीड़ित परिवार ने आधी रकम 5 लाख 86 हज़ार रुपए जमा कर दिए लेकिन करीब छः साल बित जाने के बाद भी लोगों को दुकान आवंटित नहीं की गई। वहीं अब नगर पंचायत नोटिस जारी कर बची हुई राशि का भुगतान करने के लिए नोटिस पर नोटिस जारी कर रहा है और तो और 4 लाख जमा दिखाकर एक लाख र 86 हज़ार रुपए गोलमाल करने के फिराक में है।

वहीं इस मामले में विपक्षी दल के नेता प्रभात खलखो ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अंधेरे नगरी चौपट राजा, नगर पंचायत का तानाशाही रवैए की वजह से लोग परेशान हैं। उन्होंने अंदेशा भी जताया कि परेशान लोग जघन्य अपराध तक कर सकते हैं। वहीं कलेक्टर ने मामले में जांच कर लोगों के साथ न्याय मिले दिलाने की बात कही है।

बहरहाल इस मामले में जनपद पंचायत का तानाशाह रवैया देखने को मिल रहा हैं जिन्हें 6 महिने में दुकान आवंटित होनी थी आज 6 साल बितने को है लेकिन दुकान ‌ आवंटित नहीं की गई। जिन्होंने अपनी दुकान की आधी किमत जमा कर दी उनके रुपयों को हड़पने की साज़िश की जा रही है ऐसा आरोप जनपद पंचायत पर लग रहा है। जमा पर्ची के साथ फरियादियों ने प्रशासनिक आला अधिकारियों को आवेदन निवेदन भी किया लेकिन सीतापुर जनपद पंचायत का तुगलकी फरमान ने लोगों को हैरान-परेशान कर दिया है।

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