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बिचौलियों ने छीना पहाड़ी कोरवाओं के आवास का सपना, हितग्राहियों की रकम का हो रहा बंदरबाट, जमकर हो रहा कमीशन का खेल

सोनू केदार सरगुजा – राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवाओं को पीएम आवास योजना का लाभ मिलना था लेकिन बिचौलियों की वज़ह से आवास का सपना अधर में लटक गया लेकिन जब पात्र हितग्राही का आवास सपना अधूरा रह जाए तो क्या हो। जीहां हम बात कर रहे हैं कोरबा जिले के लेमरु ग्राम पंचायत की। देखिए ये खबर

ये तस्वीर जंगल में बसे हुए राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की है बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे पहाड़ी कोरवा को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में हितग्राहियों की सूची में शामिल हुआ घने सघन जंगलों के बीच बसा ये गांव भूड़ू माटी। जहां बिचौलियों ने भोले भाले लोगों को अपने झांसे में लेकर हितग्राहियों की रकम को बंदरबांट कर दिया आधा अधूरा निर्माण हुआ ग्रामीण आवास पूरा होने का इंतजार कर रहा है। दरअसल ये मामल लेमरु ग्राम पंचायत में आने वाला भूड़ू माटी गांव का है। यहां के पात्र हितग्राहियों का आवास क़रीब चार सालों से पेंडिंग हैं। हालांकि फर्जी जीओटेक कर आवास की रकम को बिचौलियों ने डकार लिया।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में इस क़दर गोल माल किया गया कि जंगलों में रहने वाले पहाड़ी कोरवा आज भी प्लास्टिक और लकड़ी से छत बना कर अपना गुजर बसर कर रहे हैं। इस मामले में चल रहे कमीशन खेल को खुद सरपंच ने स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि सात सौ छियालिस आवास में महज़ अभी सौ घर ही पूरा हुआ है। बाकी सभी अनकम्लीट है जिसकी सूचना शिकायत आला अधिकारियों को पहुंचा दी गई है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

केन्द्र सरकार ने हर ग्रामीण को पक्का मकान देने की कवायद कर रही है लेकिन अधिकारी की उदासीनताऔर बिचौलियों के कारगुज़ारी की वज़ह से राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवाओं का आवास का सपना सिर्फ सपना ही रह गया। वनांचल क्षेत्र में बसे भोले भाले ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं कहने को इन्हें राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहा जाता है लेकिन सुविधाओं के नाम पर हाथ खाली है।

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