
रायपुर. राज्य सरकार के मजबूत प्रयासों से वनवासियों की आर्थिक स्थिति लगातार सुधर रही है. विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में यह उल्लेख किया था कि वनवासियों की आर्थिक स्थिति सुधार के लिए तेंदूपत्ता का संग्रहण दर ₹4000 प्रति मानक बोरा किया जाएगा. साथ ही 75 में से 50 प्रमुख वनोपज उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले वर्ष ही बढ़ाया जाएगा और इसकी वार्षिक समीक्षा की जाएगी. राज्य सरकार ने घोषणा पत्र के अनुसार तत्काल कार्रवाई करते हुए न केवल तेंदूपत्ता के संग्रहण की दर में वृद्धि की साथ ही 38 वनोपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तथा 14 वनोपज की राज्य सरकार ने निर्धारित मूल्य पर खरीदी प्रारंभ की. इन मजबूत प्रयासों का ही परिणाम है कि वनवासियों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है.
इसके साथ ही आपको बता दें कि लॉकडाउन के चलते गांव से लेकर शहरों तक गरीब लोगों के पास कोई रोजगार का साधन नहीं था. जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीण जिसमें अधिकांश आदिवासी हैं. इनके लिए लघु वनोपज का संग्रहण ऐसे कठिन समय में उनके जीवन में राहत की मुस्कान देने में सफल रहा.




