कल पाकिस्तान ने अपने आतंकवादी देश होने की खुद ही पुष्टि कर दी । पाक एक ऐसा देश है जो अहसान फरामोश देश है । पाकिस्तान संसद के दुःसाहस देखो वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान संसद में ओसामा बिन लादेन को शहीद बताया । आज अमेरिका से कोई काम नही है तो नौ ग्यारह के आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने वाला ओसामा बिन लादेन आज यहां का हीरो बन गया है । पहले क्यो नही बोला जब तक अमेरिका से काम था ॠण लेना रहता था तो उस समय चापलूसी करने की फुर्सत नहीं थी । उस समय ओसामा बिन लादेन को पनाह देकर उसने अपनी मंशा भी जाहिर कर ही दिया था ।
यही कारण है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने जिस तरह से छुपे ओसामा बिन लादेन को मारा तो पाकिस्तान चाहकर भी विरोध नहीं कर सका । पर जब अमेरिका से पूरे संबंध ही खत्म हो गये और कोई लेना देना नही रहा तो फिर वो उसके भावनाओं का क्यो लिहाज करे । इसलिए संसद के अंदर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का यह कहना कि ओसामा बिन लादेन शहीद है तो किसी को कोई भी आश्चर्य नहीं हुआ ।
यही कारण है कि वहां आतंकवादी बडे मजे से रहते है । बडी बडी मजलिस व तकरीर करते हैं और अपने आतंकवादी इरादो को खुले आम जाहिर भी करते है । हद तो यह हो गई है कि वो चुनाव भी लडा रहे हैं । इनकी तो पार्टीयां भी बन गई है । यह अलग बात है कि उन्हे सफलता नहीं मिली । पर यह बात तय है कि आज भी अभी भी इन आतंकवादियों का पाक के हुकमरान मे खासा अच्छा प्रभाव है । इस देश की नीति निर्धारण मे इनका दखल है । यही कारण है कि हाफिज सईद साहब मसूद अजहर साहब आदि उस देश के तो हीरो है ही पर हमारे यहां के कुछ लोगों के भी बहुत लाडले है । बीच बीच में इनका प्यार भी सार्वजनिक होते रहता है ।
आने वाले दिनों में पाकिस्तान चीन का एक उपनिवेश बनकर रह जायेगा । वहीं उनके नागरिक दोयम दर्जे के नागरिक बनकर रह जायेंगे । चीन इतना बेवकूफ नही है कि अपना इतना संसाधन वहां झोकेगा । वैसे अभी से ही पाकिस्तान के मौलाना नाराज चल रहे है । एक बार पाक शिकंजे मे आया तो चीन अपना असली रूप दिखाना चालू कर देगा । चीन जो अपने प्रांत उइगर मे कर रहा है वही सभी बंदिशे पाक मे देखने को मिल जाएगा । फिर आजादी के नाम से जो अभी तक काश्मीर मे चल रहा था दुर्भाग्य से उन्हे यही सब घटनाऐं यहा पर भी देखने को मिले तो कोई आश्चर्य नहीं है ।
चीन मे नौ ग्यारह आगे देखने को मिले तो बडी बात नही । आज तक का उनका दुश्मन भारत से कल आगे चलकर वे दोस्ती की हाथ बढाये यह संभावना भी है । यह जरूर है कि पाकिस्तान ने अपने लिए तो मुश्किल बुला ही ली है । शायद ही विश्व में कोई ऐसा राजनेता होगा जो तश्तरी मे रखकर आफत बुला ले यह कोई और नहीं पाकिस्तान ही है । आने वाले सालों मे यह सब देखने को मिलेगा ।
इस बात की फिक्र अब वहा के पालटिसियन को भी होने लगा है । पर अब उनके हाथ से बाजी निकल चुकी है । एक बात तय है आज का मित्र कल का दुश्मन बनने की तरफ ही यह दोनों देशों ने अपना काफी फैसला तय कर लिया है । जिस मसूद अजहर के लिए यूनो के सुरक्षा परिषद मे चीन वीटो लाता था वहीं उसके लिए भस्मासुर बनने वाला है । थोड़ा इंतजार करने की आवश्यकता है यह सब देखने को मिलेगा । बस इतना ही डा .चंद्रकांत रामचन्द्र वाघ
(इस लेख के लेखक डा. चंद्रकांत रामचन्द्र वाघ जाने माने आयुर्वेद चिकित्सक हैं एवं विभिन्न समाचार पत्रों में उनका लेख प्रकाशित होता है। यह लेखक के निजी विचार हैं)




