कृषि बिल के खिलाफ किसानों का आंदोलन 21वें दिन भी जारी है. इस बीच बातचीत के जरिए कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा. वहीं, किसान अपनी मांग को लेकर आंदोलन पर डटे हुए हैं. इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. जहां किसान आंदोलन के समर्थन में संत बाबा रामसिंह (Sant Baba Ram Singh) ने खुद को गोली मार आत्महत्या कर ली है।
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वहीं, संत बाबा राम सिंह की मौत के बाद विरोधी दलों ने मोदी सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर के तंज कसा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ट्वीट कर कहा कि करनाल के संत बाबा राम सिंह जी ने कुंडली बॉर्डर पर किसानों की दुर्दशा देखकर आत्महत्या कर ली. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएँ और श्रद्धांजलि. कई किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं। मोदी सरकार की क्रूरता हर हद पार कर चुकी है. जिद छोड़ो और तुरंत कृषि विरोधी क़ानून वापस लो!
गौरतलब है कि 65 वर्षीय संत बाबा राम सिंह ने सिंघू बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर आत्महत्या कर ली. संत बाबा राम सिंह हरियाणा के करनाल जिले के सिंघरा गांव के रहने वाले है. संत बाबा राम सिंह एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह किसानों की दुर्दशा को देख नहीं सकते, जो हाल ही में पारित कृषि बिल के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी के बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।



