
फंसे एक्टर संजय बत्रा को जमानत मिल गई है. दिसंबर 2020 को उनकी पत्नी के द्वारा कबीर नगर थाने में धारा 394, 323, 506 और 377 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी. 2020 से लंबित इस मामले में कोरोना महामारी के वजह से अभी तक सुनवाई नही हो पाई थी और आज पहली ही सुनवाई में उनको जमानत मिल गयी है.
जानिए क्या है पूरा मामला…
अब तक की मिली जानकारी के अनुसार एक्टर संजय बत्रा ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए बताया था की कैसे उनसे हनी ट्रैप की तर्ज पर एक गिरोह ने संपर्क साधा, और झांसा देकर एक महिला से उनकी शादी करा दी. इसके बाद गिरोह ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया. इसकी साजिश गिरोह ने पहले ही रच रखी थी. मामले में संजय बत्रा ने साक्ष्यों के साथ कबीर नगर थाने में ब्लैकमेलिंग व धन उगाही की शिकायत दर्ज कराई, जिसकी जांच अभी भी चल रही है.
क्या रही पुलिस की भूमिका
नत्थूलाल.कॉम की टीम द्वारा संपर्क साधने पर एक्टर संजय बत्रा ने बताया कि अब तक मामले की जांच में पुलिस का रोल बेहद ही सकारात्मक रहा है. और एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते उन्होंने पुलिस और प्रशासन का अब तक पूरी तरह से सहयोग किया है और आगे भविष्य में भी करते रहेंगे. उनके द्वारा की गयी शिकायत के मामले पर पूछने पर उन्होंने बताया की उनकी शिकायत की कॉपी थाने से नदारद हो गई थी, जिसके चलते जांच में थोड़ी देरी जरूर हुई, लेकिन पुलिस ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई होगी.
इसके पीछे किसका हाथ?
इस घटनाक्रम में शुरूआत से ही एक कद्दावर नेता के भाई का नाम सामने आ रहा है. कई न्यूज पोर्टल में इसकी खबरें भी प्रकाशित की जा चुकी है. अब सवाल ये कि आखिर वो कद्दावर नेता का भाई कौन ही, जिसके रसूख से संजय बत्रा की शिकायत पर अब तक जांच नहीं हो सकी है.देश में कई ऐसे गिरोह हैं जो शादी में फंसाकर धन उगाही का काम करते हैं, जिसका पहले भी पुलिस ने कई मामलों में पर्दाफाश किया है. वहीं इस मामले में क्या सच सामने आता है. यह देखने वाली बात होगी.
अब आगे क्या होगा?
एक्टर संजय बत्रा ने कहा कि अब वह इस मामले का पूरा सच उजागर करने व खुद को बेगुनाह साबित होने तक पूरी ताकत से ये जंग जारी रखेंगे. छत्तीसगढ़ के पावन आंचल पे इस तरह के झूठे दाग भविष्य में किसी और पर ना लगे इसके लिए वो इस मामले का सच उजागर करने का हर संभव प्रयास करेंगे . उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास उस गिरोह की जालसाजी और ब्लैकमेलिंग के सारे सबूत हैं जिसे वो अदालत लेकर जाएंगे ताकि इसके पीछे छिपे सफेदपोशो का असली चेहरा सामने आ सके. बहुत ही जल्द वो क़ानूनी सलाहकारों से सलाह ले के सच्चाई जनता के सामने रखेंगे.




