
आज ग्राम करतली तहसील पाली का अंबिका परियोजना हेतु अधिग्रहण कर लिया गया है । अधिग्रहण से लेकर अब तक ग्रामीण विभिन्न प्रकार की समस्याओं से अत्यंत परेशान हैं । समस्याओं के निराकरण हेतु अपने स्तर पर कई तरह से प्रयास किए हैं लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई है जिसको लेकर ऊर्जाधानी संगठन और ग्रामीणों के द्वारा जबरदस्त विरोध किया गया । ग्रामीणों की समस्याओ का उल्लेख करते हुए संगठन ने कहा है कि राजस्व अभिलेख में व्यापक पैमाने पर त्रुटि होने के कारण किसानों के खसरा नंबर में बदलाव हो गया है । जिसके कारण खाताधारक व्यक्ति का मुआवजा अन्य व्यक्ति के नाम पर बनाया गया है ।
गांव के 684 व्यक्तियों के जमीन का अधिग्रहण किया गया है जिसमें केवल 140 लोगों की नौकरी की पात्रता बन रही है , शेष बचे 544 खातेदारों के लिए रोजगार की स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था संविदा भर्ती के आधार पर की जाय । कोल इंडिया के अन्य कंपनियों में इस तरह की ब्यवस्था की गई है जो खदान में कार्य करते हैं ।
मकान एवं अन्य परिसंपत्तियों का मेज़रमेंट कमेटी के द्वारा ना कराकर प्रबंधन के दो अधिकारियों के द्वारा कराया गया है जो असवैधानिक एवम नियम विरुद्ध है । मकान नापी में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ियां की गई हैं अपूर्ण मकान को पूर्ण दर्शित कर एवं पूर्ण मकान को अपूर्ण दर्शित कर मुआवजा का निर्धारण किया गया है । जिससे ग्रामीण परेशान हैं । कमेटी के माध्यम से संपूर्ण ग्राम के मकान एवं अन्य परिसंपत्तियों का नए सिरे से मेजरमेंट कराकर मुआवजा का निर्धारण कराया जाए । जिससे ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण हो सके ।
ग्राम के बहुत से किसानों की जमीन का आंशिक अधिग्रहण किया गया है जिसके कारण किसान परेशान है जमीन अधिग्रहण से शेष बचे जमीन पर विस्थापित हो जाने के बाद खेती कर पाना संभव नहीं हो पाएगा । किसानों की शेष बचे जमीन का शीघ्र अधिग्रहण किया जाए ।
वन अधिकार पट्टा प्राप्त किसानों की जमीन का मुआवजा भुगतान नहीं किया गया है । वन अधिकार पट्टे की जमीन का भी नियमानुसार मुआवजा भुगतान किया जाए पुर्नवास की सुविधा लार कानून के तहत प्रदान किया जाए । पुर्नवास आबंटन के समय 18 वर्ष पूर्ण कर चुके प्रत्येक व्यक्ति को अलग परिवार मानकर बसाहट प्रदान किया जाए ग्रामीणों के फौती प्रकरण तहसील में कई महीनों से लटके हुए हैं एवं अन्य अभिलेखों में सुधार के लिए चक्कर काट रहे हैं जिनका शीघ्र निराकरण किया जाए ।
ग्राम करतली के ग्रामीणों की समस्याओ का त्वरित निराकरण करने की आवश्यकता है । हमारा संगठन भी चाहता है ग्रामीणों की समस्याओं का जल्द निराकरण हो जाये । भविष्य में जिससे विरोध एवम आंदोलन की स्थिति निर्मित न हो । ग्रामीणों की समस्याओ का निराकरण किये बगैर अगर जबरदस्ती की जाती है तो ऊर्जाधानी भुविस्थापित किसान कल्याण समिति द्वारा विरोध कार्यवाही की जाएगी ।




