
सोनु केदार अम्बिकापुर – अपने प्रयासों से अंबिकापुर नगर निगम को स्वच्छता के मामले में देश में पहचान दिलाने वाले स्वच्छता दीदियां अब अंबिकापुर में घर-घर ऑर्गेनिक खेती और हरियाली को बढ़ावा देने का काम कर रही हैं इससे न सिर्फ लोगों को घर पहुंच सेवा मिल रही है बल्कि स्वच्छता दीदियों को भी बेहतर आए हो रहा है सबसे दिलचस्प बात यह कि यह अभियान सफल होने पर लोग ऑर्गेनिक सब्जियां,फल और फूल का आनन्द ले पाएंगे,,, क्या है स्वच्छता दीदियों का हरियाली और ऑर्गेनिक उत्पादन का अभियान जानिए हमारी रिपोर्ट में।

अंबिकापुर जैसे छोटे शहर में जब महिलाओं ने स्वच्छता का बीड़ा उठाया तो यह अभियान संभव नजर नहीं आ रहा था मगर आज अंबिकापुर अपने स्वच्छता का मॉडल प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में भी साबित कर चुका है और अब अंबिकापुर की स्वच्छता दीदियां ऑर्गेनिक उत्पाद और हरियाली को बढ़ावा देने का अभियान चला रही हैं दरअसल गोधन न्याय योजना के तहत बनने वाले खाद को स्वच्छता दीदी या घर घर पहुंचा रही हैं।
जैविक खाद की डिमांड बेहद ज्यादा है यही कारण है कि जब स्वक्षता दीदीया घर-घर कचरा लेने जाती हैं तो अपने साथ खाद भी लेकर जाती हैं और लोगों की मांग के अनुरूप उन्हें घर पर खाद उपलब्ध कराती हैं इससे लोगों को कम दर पर जहां खाद की उपलब्धता हो रही है तो वहीं खाद बिक्री से स्वच्छता दीदियों को भी आर्थिक लाभ हो रहा है।

लॉकडाउन के समय जहां लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं तो वहीं लोगों को जब घर पर ही ऑर्गेनिक खाद बेहद कम दाम पर मिल रहा है तब उन्हें भी दोहरा लाभ हो रहा है एक तरफ जहां उन्हें कम दर पर खाद उपलब्ध हो रहा है तो वही फूल,फल और सब्जी की खेती में लोग अब रासायनिक खाद की जगह ऑर्गेनिक खाद का उपयोग कर रहे हैं लोग भी मान रहे हैं कि स्वच्छता दीदियों की यह पहल बेहद ही सराहनीय है जहां वह सफाई अभियान के साथ-साथ हरियाली अभियान भी चला रही हैं लोग भी स्वच्छता दीदियों के पहल की तारीफ कर रहे हैं।
सरगुजा जिले के कलेक्टर संजीव झा की पहल पर यह अभियान वर्तमान में अंबिकापुर नगर निगम में शुरू किया गया है इसके बेहतर रिस्पॉन्स के कारण अब इसे अलग-अलग नगर पंचायतों और जिले भर में लागू किया जाएगा जहां गोधन या योजना के तहत बनने वाले खाद की उपयोगिता से लोगों को लाभ होगा तो वही खाद की बिक्री से महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी समृद्ध हो सकेंगी। कलेक्टर भी मानते हैं कि इस अभियान से मिट्टी की उर्वरा शक्ति के साथ-साथ जैविक खाद के उपयोग से लोगों के स्वास्थ्य में भी इसका लाभ साफ नजर आएगा।
लगातार रासायनिक खाद के उपयोग और इसके दुष्परिणाम सामने आने के बाद हर तरफ जैविक खाद के उपयोग की मांग उठने लगी है ऐसे में अंबिकापुर नगर निगम के द्वारा शुरू की गई यह पहल बेहद सराहनीय कही जा सकती है इसका सीधा लाभ लोगों के स्वाद और स्वास्थ्य से जुड़ा है और इससे महिलाएं भी आर्थिक रूप से समृद्ध हो रही हैं ऐसे में कहा जा सकता है कि अंबिकापुर का यह मॉडल अपने आप में अनूठा मॉडल है। जहां स्वच्छता के बाद अब अंबिकापुर नगर निगम ऑर्गेनिक खेती के साथ-साथ हरियाली को बढ़ावा देने का काम कर रहा है और इसमें सबसे बड़ी भूमिका इन स्वच्छता दीदियों की ही है।




