
की होती है। लेकिन इसके साथ जनप्रतिनिधि भी सक्रिय रूप से आम जनता को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए काम करें। राज्य सरकार योजनाओं के माध्यम से नौजवानों और महिलाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी फसल का वाजिब मूल्य मिले और उनके माथे पर चिन्ता की लकीरें न दिखे। राज्य सभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, विधायक श्री राम कुमार यादव, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र शर्मा और पूर्व विधायक श्री जनकराम वर्मा सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि श्री अर्जुन तिवारी, चौलेश्वर चंद्राकर, रवि भारद्वाज, अनेक पंचायत प्रतिनिधि और नागरिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की किसान हितैषी कार्यक्रमों से लोगों का खेती-किसानी की ओर रूझान बढ़ा है। किसानों की संख्या 15 लाख से बढ़कर 22 लाख हो गयी है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना में धान उत्पादक किसानों को 9 हजार रूपए, धान के बदले खरीफ की चिन्हित फसल लेने पर 10 हजार रूपए प्रति एकड़ और वृक्षारोपण करने पर तीन वर्ष तक 10 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 56 लाख परिवारों को एक रूपए किलो में 35 किलो चावल, 10 लाख परिवारों को 10 रूपए किलो में चावल, 39 लाख परिवारों को हाफ बिजली बिल योजना में 1822 करोड़ रूपए की सब्सिडी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का लाभ 10 से 15 लाख हितग्राहियों को मिलेगा। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले भूमिहीन कृषि मजदूरों को साल में 6000 रूपए की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लगभग 14 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 4 हजार रूपए की पारिश्रमिक राशि दी जा रही है। गोधन न्याय योजना में पौने दो लाख पशुपालकों से 2 रूपए किलो के मान से गोबर खरीदी की जा रही है। इसके अलावा महिला समूहों को गोबर से वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट निर्माण में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। गोधन न्याय योजना से राज्य में गौपालन और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर फाइटर्स बटालियन में 2800 स्थानीय युवाओं की भर्ती की जाएगी। इसी प्रकार विद्युत कम्पनियों में लाइनमेन और सब इंजीनियरों के 2500 अधिक लोगों की भर्ती की जाएगी।



