
भारत में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से मची तबाही के बाद अब इसका कहर दुनिया के कई देशों में देखने को मिल रहा है। भारत में अप्रैल और मई के महीने में जो हालात थे वो अब विदेशों में देखने को मिल रहे हैं। दुनिया के अधिकांश देशों में डेल्टा वेरिएंट के प्रसार की वजह से कोरोना के नए मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने भी इस बात को माना है कि दुनियाभर में टीकाकरण की धीमी रफ्तार और डेल्टा संस्करण के प्रसार के कारण अधिकांश देशों में कोरोना के नए मामले फिर से बढ़ रहे हैं।
सौम्या स्वामीनाथन ने अपने ताजा इंटरव्यू में कहा है कि अफ्रीका में पिछले 2 हफ्ते से मृत्यु दर में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही पिछले 24 घंटे के अंदर दुनिया में कोरोना के करीब 5 लाख नए केस आए हैं और लगभग 9300 मरीजों की मौत हुई है, ऐसे में इस स्थिति के हिसाब से हम ये नहीं कह सकते कि अब महामारी की रफ्तार धीमी पड़ रही है।
जानकारी के मुताबिक़ सौम्या स्वामीनाथन ने इस दौरान कोरोना के मामलों में हो रही बढ़ोतरी के लिए चार कारणों का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि दुनिया में कोरोना के मामलों में इजाफा होने की वजह डेल्टा वेरिएंट, सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन, लॉकडाउन के प्रतिबंधों में दी गई ढिलाई और वैक्सीनेशन की रफ्तार में आई कमी है। स्वामीनाथन ने कहा कि तेजी से फैलने वाला डेल्टा वेरिएंट निश्चित रूप से अब तक देखा गया कोविड -19 का सबसे भयानक और खतरनाक वेरिएंट है। उन्होंने बताया कि इस वेरिएंट का संक्रमित व्यक्ति तीन लोगों को एकसाथ संक्रमित कर सकता है।





