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छत्तीसगढ़ – कोविड-19 की जाँच कराने में लापरवाही पड रही भारी

कोरोना संक्रमण से हो रही मौतों को रोका जा सकता है यदि लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराई जाए। कुछ केस स्टडी जागरूकता के लिए दी जा रही है।

केस 1-रायगढ़ जिले के अमोदा निवासी 44 साल के पुरूष को इस  लापरवाही  की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी और उनके परिजन बेसहारा हो गए। उन्हे 18 अक्टूबर को कमजोरी और सांस लेने मे तकलीफ शुरू हुई। 22 अक्टूबर को एंटीजेन टेस्ट कराया और रायगढ़ के अस्पताल में भर्ती हुए किंतु 31 अक्टूबर को उनकी मृत्यु हो गई। मतलब लक्षण शुरू होने के 14 वें दिन उनकी मृत्यु हुई। यह दिखाता है कि जल्दी जांच कराने से मरीज संभल सकता था और जीवन बच सकता था।  

केस 2- रायगढ़ जिले के ही 65 वर्ष के पुरूष को भी 24 अक्टूबर को सांस में तकलीफ आदि लक्षण दिख रहे थे। टेस्ट 28 अक्टूबर को कराया,कोरोना संक्रमित पाए जाने पर  फिर अस्पताल में भर्ती कराया। स्थिति बिगड़ने पर बाद में आई सी यू में भर्ती कराया और 30 अक्टूबर को उनकी मृत्यु हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि देरी से जांच कराने के कारण ऐसी मृत्यु हो रही है।

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