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दो दिन पहले गर्भवती महिला को लगा कोरोना का टीका, पेट में हुई बच्चे की मौत, परिवार ने वैक्सीन पर खड़े किए सवाल

कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में एक परिवार ने कोविड-19 के टीके पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.बरही विकासखंड क्षेत्र की रहने वाली एक गर्भवती महिला को वैक्सीन लगाई गई थी, जिसके कुछ घंटों बाद ही उसके बच्चे की पेट में ही मौत हो गई.ऐसा आरोप महिला और उसके परिवार ने लगाया है, हालांकि डॉक्टर इस बात से इनकार कर रहे हैं. बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.

दरअसल कटनी जिला अस्पताल में कल प्रसूता तुलसा बाई को भर्ती कराया गया था. तुलसा बाई और उनके परिजन ने आरोप लगाते हुए बताया कि 2 दिन पहले आशा कार्यकर्ता टीका लगाने के लिए घर आई थी, लेकिन यह नहीं बताया कि वह टीका कोविड-19 का है या गर्भवती को लगने वाला टीका है. टीका लगवाने के बाद से ही तुलसा बाई को घबराहट होने लगी थी. जिसके बाद उसे बरही के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां सोनोग्राफी करवाने पर पता लगा कि उसका बच्चा पेट में ही दम तोड़ चुका है.

महिला का कहना है कि उसने पहले भी वैक्सीन लगवाने से इनकार किया था, लेकिन आशा कार्यकर्ता ने उसे बिना जानकारी दिए टीका लगा दिया, जिससे उसके बच्चे की मौत हो गई.

पूरे मामले पर जिला अस्पताल में पदस्थ सिविल सर्जन यशवंत वर्मा ने आरोपों को नकारते हुए बताया कि वैक्सीन से ऐसा नहीं हो सकता है. वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है.

डॉक्टर भी दे रहे सलाह
आपको बता दें कि डॉक्टर्स खुद गर्भवती महिलाओं को कोरोना के खिलाफ वैक्सीन लगवाने की सलाह दे रहे हैं. उनके मुताबिक गर्भावस्था में कोविड-19 की वैक्सीन लगवाना सुरक्षित है. ऐसे में यदि मां को कोरोना वैक्सीन लगवाती है इससे बच्चा और मां दोनों कोरोना से बच सकते हैं.

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