
कोविड-19 महामारी काल में गरीबों और जरूरतमंदों की मानवीय मदद करने के लिए जाने-माने उद्योगपति नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) को महात्मा अवार्ड प्रदान किया गया है। सम्मान ग्रहण करने के उपरांत जेएसपीएल के सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे जेएसपीएल फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिन्दल ने निर्णायक मंडल का धन्यवाद करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार कॉरपोरेट नागरिक होने के नाते हमने प्लांट क्षेत्र के साथ-साथ देश की राजधानी दिल्ली में मिशन जीरो हंगर के तहत लाखों गरीबों और जरूरतमंदों को राशन और पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया। इसके अलावा छोटे किसानों, शिल्पकारों, स्वयं-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को जरूरी समर्थन देकर उनकी आजीविका बचाने का प्रयास किया।
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शालू जिन्दल को यह सम्मान दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में प्रदान किया गया। आदित्य बिड़ला समूह समर्थित यह अवार्ड राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की याद में प्रतिवर्ष सीएसआर क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। राजश्री बिड़ला की प्रेरणा से इसके संस्थापक समाजसेवी अमित सचदेव हैं, जो न्यूयॉर्क स्थित लाइववीक फाउंडेशन के निदेशक हैं।
गौरतलब है कि जेएसपीएल फाउंडेशन ने मिशन जीरो हंगर के तहत 5 लाख से अधिक गरीबों को ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड स्थित अपने प्लांट क्षेत्र एवं दिल्ली में भोजन उपलब्ध कराया। साथ ही प्लांट क्षेत्र में समुदायों की आजीविका बचाने का प्रयास किया। कंपनी ने सीमांत किसानों और शिल्पकारों को रोजमर्रा की जरूरत का सामान बेचने के लिए अपने संस्थानों और कॉलोनियों के दरवाजे खोल दिये ताकि उनके घरों में नकदी का प्रवाह बना रहे। इसी तरह स्वयंसहायता समूह की महिलाओं के हाथों बनाए गए 2 लाख से अधिक मास्क, हैंडवाश, सैनिटाइजर आदि का वितरण किया गया। इससे उनकी नियमित आमदनी बनी रही।
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कोविड-19 महामारी के दौरान जेएसपीएल ने समुदायों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का भी बंदोबस्त किया। कंपनी ने छत्तीसगढ़ में स्थित दोनों ओपी जिन्दल हॉस्पिटल में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए पर्याप्त इंतजाम किये और देश भर में अनेक अस्पतालों के माध्यम से मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई। इसके अलावा आशा- द होप के माध्यम से फाउंडेशन ने 3000 दिव्यांगों की निरंतर सेवा की। राष्ट्र सेवा के लिए सदैव समर्पित जेएसपीएल ने महामारी से बचाव के लिए पीएम केयर्स में 25 करोड़ रुपये का योगदान भी किया।
शालू जिन्दल को सामाजिक दायित्व के निर्वहन के लिए अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया जा चुका है।




