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Chaurasi Temple परिसर में जातर मेला शुरू



Bharmour. भरमौर। जिला के प्रसिद्ध भरमौर जातर मेले का मंगलवार को चौरासी परिसर में स्थित देवदार के वृक्ष पर झंडा चढ़ाने की रस्म अदा करने के साथ ही आरंभ हो गया। भरमौर के घराटी परिवार के सदस्य ने सदियों से चली आ रही झंडा चढ़ाने की परंपरा का निर्वाहन किया। लिहाजा इस नजारे को चौरासी मंदिर परिसर में देखने के लिए सैकडों की तादाद में लोगों की भीड यहां पर जुटी। जातर मेले के शुभारंभ के मौके पर पांगी-भरमौर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक जिया लाल कपूर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इससे पहले आयोजन समिति की देखरेख में चौरासी परिसर में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर शोभा यात्रा भी निकाली। इसके बाद शोभा यात्रा चौरासी परिसर स्थित प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण में पहुंची। जहां चौरासी परिसर में स्थित मंदिरों में देवी-देवताओं को नए

वस्त्र अर्पित किए गए।

इस दौरान घराटी परिवार के सदस्य ने यहां स्थित विशालकाय देवदार के वृक्ष पर पलक झपकते ही चढ कर सदियों से चली आ रही झंडा चढाने की परंपरा का निर्वाहन किया। मुख्यातिथि जियालाल कपूर ने कहा कि भरमौर मेला गददी समुदाय की कला और संस्कृति का प्रतीक है। सदियों से यहां पर इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और भरमौर के स्थानीय लोगों ने इस मेले के जरिए अपनी कला और संस्कृति को संजो कर रखा है। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में गददी समुदाय के पुरूषों द्वारा डंडारस और महिलाओं का किया जाने वाला डंगी नृत्य आर्कषण का केंद्र रहता है। उन्होंने कहा कि सदियों से चले आ रहे इस मेले को लेकर राजनीति भी हो रही है, जोकि न्यायोचित नहीं है। उधर, ग्राम पंचायत भरमौर के प्रधान अनिल ठाकुर ने कहा कि भरमौर जातर मेले के दौरान आठ स्थानीय जातरें होती है। प्रत्येक जातर देवी या देवता को समर्पित होती है। उ आठवें दिन चौरासी परिसर में दंगल का आयोजन किया जाएगा।



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