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किसान आंदोलन – सिंघु बार्डर पर खालिस्तान के झंडे दिख रहे, फिर बोले सांसद संतोष पांडेय

राजनादगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डे ने दिल्ली की सीमाओं में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है उन्होंने कहा कि सिंघु बार्डर पर खालिस्तान के झंडे दिख रहे हैं। और किसानों के आंदोलन को हाईजेक कर लिया गया है।

खैरागढ़ स्थित रेस्ट हाउस में एक समाचार पत्र के वार्षिक कैलेंडर के विमोचन कार्यक्रम में पहुंचे सांसद ने  मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि मैंने खैरागढ़ में जो बयान दिया था उस पर मैं अभी भी अडिग हूं। इस दौरान पूर्व संसदीय सचिव कोमल जंघेल, भागवत शरण सिंह सहित शहर के पत्रकारगण मौजूद रहे।

दिल्ली की सीमाओं में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर सांसद संतोष पांडेय ने एक बार फिर कहा कि सिंघु बार्डर पर खालिस्तान के झंडे दिख रहे हैं। किसानों के आंदोलन को हाईजेक कर लिया गया है। क्या इसे किसान आंदोलन कहेंगे रेस्ट  हाउस लॉन में खैरागढ़ आअखबार के पंचांग 2021 के विमोचन बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि मैंने खैरागढ़ में जो बयान दिया थाए उस पर अडिग हूं। सांसद बोलेए सिंधु बॉर्डर में खालिस्तान के झंडे दिख रहे हैं। बेअंत सिंह के हत्यारे का वहां फोटो लगा हुआ है। बरबरा राव को रिहा कराने नारे लग रहे हैं। उमर खालिद और सर्जिल इमाम को रिहा कराने नारे लग रहे हैं। क्या है ये क्या इसे किसान आंदोलन कहेंगे।

संतोष पांडेय ने कहा यही मैंने उस दिन भी कहा था और आज फिर कह रहा हूं। किसानों की भीड़ में उनके आंदोलन को हाइजेक कर दिया गया है। क्या देश को सतर्क नहीं रहना चाहिए। जिस प्रकार एक छोटे से कोने में साहिन बाग हुआए आज दिल्ली के चारों कोनों में ये चल रहा है। आने वाला गणतंत्र दिवस को देखते हुए सभी प्रकार की मंशा से हमको अलर्ट रहने की जरूरत है।

सांसद बोलेए इन्ही लोगों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्‌टर जी के हेलीकॉप्टर का उतरने से पहले पूरे हैलीपैड को खोद दिया था। उसके मंच को ध्वस्त कर दिया था। कुर्सियां तोड़ दी थीं। इससे पहले 9 जनवरी को भाजपा की बैठक में सांसद पांडेय ने कहा था कि दिल्ली के आंदोलन में खालिस्तानी बैठे हैं और उन्हें फारेन फंडिंग हो रही है। उनके इस बयान के बाद जिलेभर में कांग्रेसियों ने उनके पुतले जलाए। ठीक नौ दिन बाद खैरागढ़ पहुंचे सांसद ने स्पष्ट कहा कि वे अपने बयान पर अडिग हैं।

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