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जशपुर हादसा – गाड़ी में भरा था गांजा, विसर्जन के दौरान लोगों को कुचला, 1 की मौत 15 से 20 घायल, SP ने की बड़ी कार्यवाही

जशपुर सड़क हादसा मामले में एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है. वही ASI समेत 3 अफसरों को सस्पेंड किया है. दरअसल दुर्गा विसर्जन करने जा रहे लोगों को तेज रफ्तार से आ रही कार ने कुचल दिया. इस दुर्घटना में एक की मौत हो गई, जबकि दर्जनभर से ज्यादा लोग घायल हो गए. दुर्घटना के बाद का पूरे इलाके में तनाव की स्थिति हो गई. गुस्साए लोगों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी और गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर की जमकर पिटाई की. घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश है. लोगों ने शहर को बंद कर रखा है और पत्थलगांव थाने में प्रदर्शन कर रहे हैं. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार लोगों को पीछे से आकर कुचलते हुए दिख रही है.

जानकारी के अनुसार, मूर्ति विसर्जन के दौरान तेज रफ्तार से गाड़ी जुलूस में चल रहे लोगों की तरफ पीछे से अचानक आ गई. मरने वाले युवक की पहचान गौरव अग्रवाल के नाम से हुई है. इस दुर्घटना में 15 लोग घायल हो गए हैं. लोगों को आरोप है कि दुर्घटना को अंजाम देने वाली गाड़ी में गांजा भरा हुआ था. हालांकि, पत्थलगांव के एसडीओपी ने कहा है कि अभी इस मामले की जांच की जा रही है.

जशपुर के एसपी विजय अग्रवाल ने घटना में एक की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि दुर्घटना में 15 लोग घायल हो गए हैं, जिसमें से दो की स्थिति गंभीर बनी हुई है. वहीं, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर जेम्स मिंज ने बताया कि अस्पताल में एक शव को लाया गया था, जबकि अन्य घायल थे. घायलों में से दो को अन्य अस्पताल में रेफर कर दिया गया. एक्स-रे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जशपुर की घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने ट्वीट कर बताया कि जशपुर की घटना बहुत दुखद और हृदयविदारक है. दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है. प्रथमदृष्टया दोषी दिख रहे पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है. जांच के आदेश दिए गए हैं. कोई भी बख्शा नहीं जाएगा. सबके साथ न्याय होगा. ईश्वर दिवंगतजनों की आत्मा को शांति दे.

हादसे में पुलिस प्रशासन की लापरवाही सामने आई है, अनुमति देने के बाद यातायात व्यवस्था क्यों नहीं दी गई. इस हादसे में क्षेत्र के SDM, ASP, थाना प्रभारी SDOP, यातायात प्रभारी और संबंधित पुलिस अधिकारी जिम्मेदारी है. ADM के अनुमति के अनुसार दुर्गा विसर्जन यात्रा के मार्ग में किसी भी प्रकार के वाहन के आवाजाही की अनुमति नहीं होती है और इसकी जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के जिला और पुलिस प्रशासन की होती है।

चूँकि गांजा तस्कर यूपी के थे, इसलिए इसमें साजिश की बू आती है. और कही छग सरकार को बदनाम करने का कोई छुपा हुआ एजेंडा उजागर हो सकता है. ओडिशा से छग मार्ग में पूरे देश में गांजा तस्करो की लॉबी खुलेआम काम कर रही है. इसे रोकथाम हेतु छग सरकार को कारागार कदम उठाया चाहिए।

छग सरकार ने पहले ही सभी जिलों के एसपी को यह निर्देश दिए थे, कि चेकिंग पॉइंट लगाकर तलाशी ली जाए. और गांजा, शराब, अफीम तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. लेकिन अधिकारी अपनी मनमानी पर उतर गए है. जब सीएम के निर्देशों का नजर अंदाज कर रहे है तो आम जनता का क्या होगा?

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