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सरकारी नौकरी- छत्तीसगढ़ में एकलव्य स्कूलों में होगी सरकारी अतिथि शिक्षकों की भर्ती, जानिए यहां ब्यौरा

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के संचालन हेतु शिक्षण सत्र 2020-21 में रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। वर्तमान में राज्य में 42 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। जिसमें से 25 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के लिए पद संरचना की स्वीकृति प्रशासकीय विभाग द्वारा जारी की जा चुकी है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग के सचिव डी.डी. सिंह ने यह जानकारी राज्य स्तरीय आदिम जाति कल्याण, आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति संचालक मंडल की बैठक में दी।

संचालक मंडल की बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में पूर्व से संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स की स्थापना की जाएगी। इसके लिए सूरजपुर के भैय्याथान, राजनांदगांव और धमतरी जिले के नगरी के स्कूल का प्रस्ताव भेजा गया है। यह केन्द्र 5 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित किया जाएगा। यहां भवन और खेल उपकरण, न्यूनतम एक व्यक्तिगत खेल एवं एक समूह खेल की सुविधा होगी। यहां स्टॉफ में कोच, मनोवैज्ञानिक, न्यूट्रीशनिस्ट इसके अतिरिक्त कम्यूनिटी खेल के लिए भी कोच होगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी लाभान्वित हो सकेंगे।

सचिव डी.डी. सिंह ने प्रदेश में निर्माणाधीन 9 आदर्श आवासीय विद्यालय भवनों का कार्य 15 अगस्त से पूर्व पूरा करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण सत्र 2020-21 में नवीन प्रस्तावित 19 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। संचालक शम्मी आबिदी ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में 4 बालिका एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की स्थापना का प्रस्ताव है। इसके लिए रायगढ़ जिले के विकासखण्ड घरघोड़ा के ग्राम छर्राटांगर, सूरजपुर जिले के विकासखण्ड प्रेमनगर के ग्राम पार्वतीपुर, सरगुजा जिले के विकासखण्ड बतौली के ग्राम शिवपुर और उत्तर बस्तर कांकेर जिले के विकासखण्ड नरहरपुर में बालिका विद्यालय की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की परीक्षा में इस वर्ष कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 98.03 प्रतिशत और कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 94.22 प्रतिशत रहा है। परीक्षा परिणाम के आंकलन के उपरांत उत्कृष्ट शिक्षक, विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। बैठक में कोविड-19 के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई को प्रोत्साहित करने के संबंध में चर्चा की गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय प्रवेश नीति 2020-21 में सीटों के आरक्षण में निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के विशेष पिछड़ी जनजाति कमार, अबूझमाड़िया, पहाड़ी कोरबा, बिरहोर, बैगा, पण्डों और भुंजिया के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुसूचित जनजाति के दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण रहेगा। इसके लिए जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।

एकलव्य विद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के अधिकतम दो बच्चों को डे-स्कालर के रूप में विद्यालय में अध्ययन की सुविधा प्रदान की जाएगी। गैर आदिवासी विद्यार्थियों के लिए कक्षा 6वीं में स्वीकृत सीट का 5 प्रतिशत स्थानीय समुदाय के बच्चों के लिए आरक्षित होगा (विद्यालय के निर्माण में भूमिदान एव अन्य विकास कार्य में सहयोग करने वाले परिवार), नक्सल प्रभावित परिवार के बच्चों को भी प्रवेश में प्राथमिकता मिलेगी।

बैठक में अपर सचिव वित्त सतीश पाण्डेय, स्कूल शिक्षा विभाग के अपर संचालक आर.एस. सिंह, महिला एवं बाल विकास की उपसचिव एफ केरकेट्टा, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग डी.के. मिश्रा, प्राचार्य शिक्षा महाविद्यालय रायपुर जे.एक्का और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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