
गिरिश गुप्ता गरियाबंद – छत्तीसगढ़ में 01 दिसम्बर से सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में धान खरीदी शुरू होना है। धान खरीदी पर मोटा मुनाफा कमाने के उद्देश्य से ओडिसा सीमा से लगे धान के बड़े व्यापारी अभी से ओडिसा से धान लाकर स्टाक करने लगे है ताकि व्यापारी ओडिसा से लाये हुए धान को आसानी से छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर खपा सके।
शुक्रवार को देवभोग तहसीलदार समीर शर्मा को सूचना मिली थी कि ओडिसा से कैटपडर होकर धान छत्तीसगढ़ आ रही है मुखबिर की सूचना पर देवभोग तहसीलदार समीर शर्मा द्वारा ओडिसा सीमावर्ती गांव कैटपडर पहुचकर छत्तीसगढ़ सीमा पर इंतजार कर रहे थे तभी ओडिसा से कैटपडर होकर छत्तीसगढ़ के लिए धान भरकर आ रही 1109 ट्रक क्रमांक ओ आर 24 बी 7101 गाड़ी ओडिसा से होकर छत्तीसगढ़ प्रवेश कर रहे वाहन को देवभोग तहसीलदार समीर शर्मा द्वारा रोककर चेक किया गया तो गाड़ी में 300 कट्टा धान मिला।

मौके पर जब देवभोग तहसीलदार द्वारा गाड़ी में लोड धान के सम्बंध में दस्तावेज मांगने पर ड्राइवर ने धान परिवहन के सम्बंध में किसी प्रकार दस्तावेज नही होना बताया वही न तो ड्राइवर के पास गाड़ी का कागज था ही ड्राइवरिंग लायसन्स था।जिसके बाद देवभोग तहसीलदार समीर शर्मा द्वारा मौके पर पंचनामा कर ड्राइवर का कथन लेकर धान से भरी गाड़ी को जब्त कर देवभोग थाने में खड़ी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में धान का समर्थन मूल्य 2500 सौ रुपये प्रति क्विंटल है जबकि पड़ोसी राज्य उड़ीसा में धान का कीमत बहुत कम है इसी का फायदा उठाते हुए उड़ीसा सीमावर्ती क्षेत्र में बैठे धन्नासेठ धान सीजन में इसका जमकर फायदा उठाते हुए हजारों क्विंटल धान को छत्तीसगढ़ के मंडियों में खपाते है।
वही पिछले धान सीजन में जिला प्रशासन द्वारा लगातार धान परिवहन पर कार्यवाही के चलते कई धन्नासेठों का कारोबार चौपट हो गया था इसी वजह से इस बार धन्नासेठों ने 01 माह पूर्व से ही उड़ीसा का धान खरीदी कर स्टाक करने में लग चुके है उड़ीसा से छत्तीसगढ़ धान पहुचाने के लिए है बहुत सारे रास्ते है जिसका फायदा उठाकर धन्नासेठ उड़ीसा के धान को आसानी से छत्तीसगढ़ लाकर समर्थन मूल्य में बिक्री कर मोटा मुनाफा कमाते है।



