वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज दोपहर 12:30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कुछ नए कदम का ऐलान करेंगे. उन्होंने कहा कि आज 12 योजनाओं का ऐलान किया जाएगा. वित्त मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना शुरू करने की घोषणा की है
उन्होंने कहा कि नई नौकरी पर इंसेंटिव देने का प्रस्ताव है और 1 अक्टूबर 2020 से नई रोजगार योजना लागू होगी. उन्होंने कहा कि मार्च-सितंबर के दौरान नौकरी खोने वालों को इस योजना से काफी फायदा होगा. 15 हजार रुपये से कम वेतन वाले कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा. 30 जून 2021 तक नई रोजगार योजना लागू रहेगी.
वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्ता में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है. जीएसटी कलेक्शन में भी सुधार देखने को मिला है. अक्टूबर के दौरान जीएसटी की वसूली में 10 फीसदी (YoY) की बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा बैंक क्रेडिट में भी सुधार हुआ है. पिछले साल अक्टूबर के मुकाबले 23 अक्टूबर तक बैंक क्रेडिट 5.1 फीसदी बढ़ा है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के मामलों में कमी आई है.
वित्त मंत्री ने कहा कि पीएमआई इंडेक्स बढ़कर 58.9 फीसदी, बिजली की खपत 12 फीसदी और अप्रैल-अगस्त के दौरान एफडीआई निवेश 13 फीसदी बढ़ा है. साथ अक्टूबर में रेल माल ढुलाई भी 20 फीसदी बढ़ी है. वित्त मंत्री ने कहा कि 28 राज्यों में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी लागू है. आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत One Nation One Ration Card को शुरू किया गया था. इस योजना के तहत अब कोई भी मजदूर देश में कहीं से भी राशन ले सकता है. उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेंडर के लिए अब तक 13.8 लाख लोन को स्वीकृत किए गए हैं. मत्स्य संपदा योजना के तहत 1,681 करोड़ रुपये की मंजूदी दी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि 2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का फायदा मिला है.
वित्त मंत्री ने कहा कि इमरजेंसी क्रेडिट स्कीम (ECS) के तहत 1.52 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया गया है. ECS के तहत 2.05 लाख करोड़ रुपये के लोन का ऐलान हुआ था. आरबीआई ने तीसरी तिमाही में पॉजिटिव ग्रोथ की भविष्यवाणी की है. स्ट्रीट वेंडर्स के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत 26.62 लाख लोगों के कर्ज के लिए आवेदन मिले हैं. 13.78 लाख लोगों को इस योजना के तहत कर्ज के तौर पर कुल 1373.33 करोड़ रुपए का कर्ज जारी किया गया है.
बता दें कि मोदी सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव स्कीम को मंजूरी दे दी है. पीएलआई स्कीम के तहत केंद्र सरकार अगले पांच साल के दौरान 1.46 लाख करोड़ रुपये का खर्च करने जा रही है. सरकार ने ऑटो और ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों को सबसे ज्यादा इंसेंटिव देने की घोषणा की है. इन कंपनियों को सबसे ज्यादा 57 हजार करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिया जाएगा.



