देश मे जो राष्ट्र वाद की बयां बह रही हैं उससे अच्छे अच्छे लोगों के चूले हिल गए है । इन लोगों की तथाकथित धर्मनिरपेक्षता और बुद्धिजीवी का ढोंग अब हाशिये मे आ गया है । जिन लोगों के सिक्के खूब चल रहे थे अब वो खोटे सिक्के बनने पर अपने को देखने को मजबूर है । कभी जिनका नाम चलता था अब वो उस नाम से किनारा करने को मजबूर हो गए है । निश्चित इसमे सोशल मीडिया का अहम रोल है । लोगों को खुलकर सच्चाई सामने आ रही है । सत्य का पता चल रहा है । कम से कम वो राजनीति का पर्दाफाश हो रहा है जिसके चलते यह सत्ता में बने हुए थे । तथाकथित बालीवुड का प्रथम परिवार की आज उनके दोगलेपन से पूरा देश हतप्रभ है । यह वह कलाकार जब गंभीर अवस्था में तो पूरा देश इसके प्राणो की रक्षा के लिये अपने अपने तरह से भगवान से दुआएं मांग रहा था । ऐसा प्यार दिया कि जिसमे भी हाथ रखा वो सोना बनकर बाजार कर ली । फिर वो ठंडा ठंडा कूल कूल तैल ही क्यो न रहा हो । आज सोशल मीडिया का बहुत अहम रोल हो गया है । लोगों में जागरूकता आ गई है अब ज्यादा दिन तक लोगों को धोखे मे नहीं रखा जा सकता । वैसे ही राज्य सभा में मैडम के दिये हुए व्यक्तव्य से लोग बहुत आहत थे । ” जिस थाली में खाते है उसमें छेद करते हैं ” । यह बयान लोगों को दिल मे घर कर गया । खुले आम नशेडियो और गंजेडियो के लिए बचाव बिलकुल रास नहीं आया । वहीं उक्त महाशय का इस बयान के समर्थन में खुलकर आना आम लोगों को नागवार गुजरा । वहीं सुशांत सिंह राजपूत का केस मे इनकी खामोशी ने इनको पूरी तरह से एक्सपोज कर दिया । वैसे ही लोगों ने के बी सी का बहिष्कार कर इनको इनकी औकात में लाने के लिए एक तरह से संकल्प ही ले लिया । जिस तरह से अपने कार्यक्रम में राष्ट्र द्रोहीयो को नेता बताकर प्रश्न करना इनके मानसिक दिवालिया पन की हद है । वहीं घूंघट पर एक धर्म की तारीफ और हिंदू धर्म को दकियानूसी बताकर इन महाशय ने हमारे धर्म के साथ अन्याय कर हमारे भावनाओं को आहत किया है । यह पहला समय नहीं है इस बंदे ने जब भी मौका मिला इसने यही काम किया है । यही कारण है कि लोगों ने इसके परिवार के बेटी नातियों के नशे मे धुत फोटो वायरल कर इस परिवार के अपने को सुसंस्कृत बताने का जो तथाकथित दावा था उसे तार तार कर सडकों पर ला दिया । जिसके केबीसी की तूती बोलती थी आज राष्ट्रवाद की ऐसी बयां बहार हुई है कि जो लोग कल तक हमारे बदौलत अर्श मे थे यह हमारी ताकत है कि इन्हे फर्श पर लाकर पटक दिया गया है । टेलीविजन का यह कार्यक्रम इसके चलते अपने इस शो के लिए दर्शको का मोहताज हो गया है । जैसी खबरें आ रही हैं शायद इसी तरह चलता रहा तो इस शो को बंद करने की नौबत आ जाएगी । इसी तरह के हाल और एक बूढे नायक के साथ भी होने वाला है । साहब गया जमाना बालीवुड के माध्यम से टीवी कार्यक्रमों के माध्यम से जो हमारे धर्म का उपहास उडाकर जलील करना और पैसा कमाना यह जो षडयंत्र था बेनकाब हो गया है । आप अपने निजी जीवन में क्या है क्या कर रहे हैं हमे किसी को कोई लेना देना नहीं है । पर हमारे आस्थाओ पर लगातार चोट हमारे धार्मिक संस्थाओं का निरंतर एक योजना बद्ध तरीके से नीचा दिखाने की कोशिश वहीं हमारे आराध्य देवी देवताओं का फिल्म में मजाक इस कुत्सित षडयंत्र से लोग पूर्णतः वाकिफ हो गए है । बालीवुड मे किस मजबूरी से यह सब किया जा रहा था और है इससे कोई लेना देना नही है । यही कारण है कि इस तरह की जो अदृश्य शक्तिया जो अपना एक एजेंडा चला कर काम कई दशकों से कर रहे थे । जिस तरह से नेपोटिजम पर भी पूरा बालीवुड एक्सपोज हो गया है किसी को भी इन लोगों से हमदर्दी नहीं रह गई है । कोई कहता है मेरा बंगला बिक जाएगा कोई क्यो सोचे । कभी अपने व्यापार के लिए देश विरोधीयो से व्यापार कर रहे थे तब सोचा था ? अब वो दिन आने वाले है यह जितने लोग सेलिब्रिटी बनकर विज्ञापन कर रहे थे । कुछ दिनों में यह आना बंद हो जाऐंगे । मैंने किसी का नाम नहीं लिया पर मेरे पाठक समझदार हैं सिर्फ इशारा ही काफी है । इस राष्ट्र वाद की लौ बुझने न पाए बस यही आपसे अनुरोध है । ऐसे में हम अपने धर्म और देश के साथ न्याय कर पाएंगे । मेरे मित्र और मेरे सहपाठी छिंदवाड़ा के डा . अनिल सक्सेना आपकी गुजारिश पूरी कर दी । आपके बहाने बहुत दिनों से लंबित यह लेख आप लोगों के लिए । बस इतना ही डा .चंद्रकांत रामचन्द्र वाघ
(लेख के लेखक डॉ चंद्रकांत रामचंद्र वाघ पेशे से आयुर्वेद चिकित्सक हैं, यह लेखक के निजी विचार हैं )




