14 साल की दिव्यांग साक्षी कुपोषण के प्रति सोशल मीडिया में अपनी आवाज बुलंद कर रही है। आपको बता दें कि रीढ़ की हड्डी टेढ़ी होने की वजह से वह बचपन से चल नहीं पाती।
संकट की घड़ी में अपने दर्द को भुलाकर चाहती है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा और किशोरी कुपोषण के आगे जिंदगी की जंग न हारे इसलिए हर रोज अपनी लडखड़़ाती जुबान से वीडियो बनाकर गढ़बो सुपोषित छत्तीसगढ़ का संदेश देती है।
निराशा में आशा की किरण खोजकर लोगों को कभी रंगोली तो कभी पेटिंग और कभी पोषण थाली सजाकर सुपोषण का महत्व बताती है। वो कहती है कि जब 99 फीसदी दिव्यांग होकर मैंने हार नहीं मानी तो आपके बच्चे कैसे कुपोषण से हार सकते हैं।
ननिहाल भिलाई में जन्मी साक्षी फिलहाल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मां प्रतिमा गजभिये के साथ रायपुर में रहती है। साक्षी की इस पहल के चर्चा सबसे ज्यादा भिलाई में है। यहां अब तक सैकड़ों लोगों ने साक्षी के इस पॉजिटिव सोच को सलाम करते हुए सोशल मीडिया पर उसके वायरल वीडियो को शेयर किया है।




