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कांग्रेस के छत्तीसगढ़िया मॉडल फेल, राज्यसभा में बाहरी नेताओं को मौका देने से कांग्रेसी नेताओं का छलका दर्द


छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटों पर यूपी और बिहार के नेताओं को मौका देने पर भाजपा ने जोरदार हमला बोला है, वहीं कांग्रेस में भी अंदरखाने में नाराजगी है। कांग्रेस नेता दबी जुबान में यह कह रहे हैं कि राजीव शुक्ला चिर-परिचित नाम हैं। उन्हें लेकर ऐतराज नहीं है, लेकिन बाहुबली नेता की पत्नी रंजीत रंजन की पैराशूट लैंडिंग उचित नहीं है।

पप्पू यादव हत्या के मामले में जेल जा चुके हैं। हालांकि बाद में हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था। इस चयन को लेकर कांग्रेस नेता ही दबी जुबान में कह रहे हैं कि हाईकमान ने छत्तीसगढ़िया मॉडल को झटका दिया है। कांग्रेस के कुछ नेताओं और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर भी विरोध किया है।

राज्यसभा से शुक्ला और रंजन का नाम आने पर छत्तीसगढ़ भाजपा के शीर्ष नेताओं ने कटाक्ष किया है। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने लिखा है कि कांग्रेस के लिए “छत्तीसगढ़िया” सिर्फ बातों में है। जब नेतृत्व देने की बात आती है तो इधर-उधर के राज्यों से नेता आयातित कर उन्हें राज्यसभा भेज देते हैं।

भाजपा ने कभी भी किसी बाहरी नेता को छत्तीसगढ़ से राज्यसभा नहीं भेजा। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने इस फैसले को छत्तीसगढ़ के कांग्रेसियों के साथ छल बताया है।

वहीँ कांग्रेस पर लग रहे आरोपों पर संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पलटवार किया है। शुक्ला ने कहा कि राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन योग्य, अनुभवी और कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता हैं। इनके राज्यसभा में चयन से छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश की प्रबुद्ध आवाज राज्यसभा में गूंजेगी। इससे कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता प्रसन्न हैं।

शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों पर चयन हो रहा है, लेकिन भाजपा कहां है, इसका आत्म अवलोकन करने चाहिए। लोकसभा और राज्यसभा राज्य और क्षेत्र की सीमा के बाहर होते हैं। भाजपा को इस बात का जवाब देना चाहिए कि नरेंद्र मोदी गुजरात से जाकर वाराणसी से क्यों चुनाव लड़े, स्मृति ईरानी गुजरात से अमेठी जाकर क्यों चुनाव लड़ीं, इस बात का जवाब देना चाहिए।





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