जशपुर जिले के कांसाबेल जनपद क्षेत्र क्रमांक 8 के जनपद सदस्य पर अपनी जाति की गलत जानकारी देते हुए, आरक्षित अनुसूचित जन जाति की सीट जनपद सदस्य का पद हथियाने का आरोप लगा है.शिकायत जिला कलेक्टर से की गई थी कलेक्टर जशपुर ने उक्त शिकायत को टीएल मीटिंग में चर्चा कर जांच के आदेश दिया है. कांसाबेल तहसीलदार उदय राज सिंह को उक्त मामले में एक सप्ताह के भीतर जांच कर रिपोर्ट जशपुर कलेक्टर को सौंपना है जिसके बाद आगे की कार्य की जाएगी।
शिकायत कर्ता संजय सिँह ने कलेक्टर को दिए आवेदन पर आरोप लगाया है, कि कांसाबेल जनपद पंचायत के क्षेत्र क्रमांक 8 की जनपद सदस्य रायमुनी तिर्की जो कि अपने आप को अनुसूचित जनजाति की सदस्य बताकर आरक्षित सीट से चुनाव लड़ कर निर्वाचित हुई है वो आदिवासी नही बल्कि रौतिया जाति की है और रौतिया जाती पिछड़ा वर्ग में आता है।
जनपद सदस्य रायमुनी तिर्की वास्तव में रायमुनी बाई है. शिकायत कर्ता ने जनपद सदस्य के पति अनुरंजन तिर्की पर भी गलत जानकारी के सहारे अपनी पत्नी को अनुसूचित जन जाति का सदस्य बताने का आरोप लगाया है शिकायत कर्ता ने स्कूल के दाखिले में रौतिया जाति होने का उल्लेख है जो कि प्रधान पाठक ने जारी किया प्रमाण पत्र आरटीआई से जानकारी मांग प्रस्तुत किया है।

बहरहाल अब देखना यह होगा कि क्या आदिवासी के लिए आरक्षित सीट से गैर आदिवासी महिला ने चुनाव लड़कर आदिवासी के हक छीना है उसके ऊपर क्या कार्यवाही होती है या फिर राजनीति संरक्षण से शिकायत की फाइल धूल खाने कहि कोने में फेंक दिया जाएगा।
बता दे कि जब हमने कांसाबेल तहसीलदार से उक्त शिकायत मामले के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि जिला से मुझे जांच अधिकारी बनाया गया है और एक सप्ताह के भीतर मुझे जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर जशपुर को सौंपना है। आगे की कार्यवाही कलेक्टर साहब के निर्देश के बाद होगा।



