राजस्थान के कोटा में प्रदेश के बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों की वापसी को लेकर परिजन परेशान हैं, वहीं CM भूपेश बघेल भी इस मसले को पूरी संवेदनशीलता से देख रहे हैं।राज्य सरकार ने इस मसले को लेकर कोटा जिला प्रशासन से भी जानकारी ली है। खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस मसले को लेकर संपर्क में हैं।
बता दें कि रायपुर के शैलेंद्र नगर में रहने वाले आलोक कुशवाहा ने बताया उनकी बड़ी बेटी नंदिनी मेडिकल की पढ़ाई करने कोटा गई थी, उससे मिलने के लिए उनकी पत्नी और छोटी बेटी भी लॉक डाउन के ठीक पहले वहां पहुंचे थे। पहुंचने के तुरंत बाद लॉक डाउन हो जाने की वजह से उनका पूरा परिवार कोटा में फस गया है।
उन्होंने कहा कि वहां वैसे तो खाने-पीने की दिक्कत नहीं है लेकिन वह वहां नए हैं और किसी को जानते नहीं है, इस वजह से मानसिक तनाव में है। ना केवल उनका ही परिवार बल्कि बड़ी संख्या में राजधानी सहित पूरे छत्तीसगढ़ से छात्र वहां फंसे हुए हैं।
इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है कि जिस तरह से यूपी सरकार अपने छात्रों को ले गई है दूसरे राज्य भी अपने छात्रों को ले जा सकते हैं ताकि वे तनाव में ना आएं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इन बच्चों की वापसी जल्द और सुरक्षित तरीक़े से सुनिश्चित कराने की क़वायद में हैं। कोविड 19 संक्रमण के इस समय में राज्यों के बीच यात्री परिवहन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति जरुरी है। खबरें हैं कि मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास राज्य सरकार ने भेज दिया है और अब राज्य सरकार को अनुमोदन का इंतज़ार है।




