अपने ही धर्म में रहो बहन मैं धर्मांतरण नही कराता, विदेश से आई युवती को पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कही जब ये बात, सन्न हो गई लड़की

बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र शास्त्री की वनवासी राम कथा का बुधवार को अंतिम दिन था। धीरेंद्र शास्त्री ने बालाघाट के परसवाड़ा स्थित ग्राम भादुकोटा में रात में ही दिव्य दरबार लगाया। उसमें दूरदराज से आए लोगों की अर्जी सुनी गई। बाबा के दिव्य दरबार में सबसे ख़ास बात यह भी रही कि बंगलादेश से एक मुस्लिम महिला यहां अपनी अर्जी लेकर पहुंची थी, जो हिन्दू सनातन धर्म में आना चाहती थीं। इस दौरान बाबा ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए लोगों को प्रेरित भी किया।
वनवासी राम कथा वाचक के अंतिम दिन यानी 24 मई की रात पंडित धीरेंद्र शास्त्री को देखने-सुनने और उनके पास अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अर्जी लगाने के लिए भारी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं को देखकर बाबा धीरेन्द्र शास्त्री ने पहले दिव्य दरबार लगाया फिर प्रेत दरबार लगाकर समस्याओ का समाधान किया।
इसके बाद देर रात तक राम कथा का वाचन हुआ। मिली जानकारी अनुसार भारत के पड़ोसी देश बांगलादेश से एक मुस्लिम महिला बागेश्वर धामपीठासीन.धीरेन्द्र शास्त्री से मिलने उनकी सागर की कथा को सुनने के बाद बालाघाट के परसवाड़ा भादूकोटा तक पहुंच गई।
लोगों ने बताया कि वह बाबा से मुलाकात कर हिंदू धर्म अपनाना चाहती है, जिसे बागेश्वर पीठाधीश पं.धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने वनवासी रामकथा के मंच पर दिव्य दरबार के दौरान बुलाया और उससे चर्चा करते हुए कहा कि आप अभी जिस धर्म में है वहीं रहें.. हम धर्मांतरण के पक्ष में नहीं है.. पर घर वापसी पर विश्वास करते हैं। महिला का कहना था कि उसे सनातन धर्म अच्छा लगता है, हिंदू धर्म के भजन कीर्तन-कथा वह यूट्यूब में देखती सुनती है। धीरेंद्र शास्त्री महाराज को वह काफी समय से फॉलो कर रही है।




