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Bihar Food Poisoning: बिहार के बांका पुलिस लाइन में मेस का खाना खाने के बाद 100 से ज्यादा ट्रेनी जवान पड़े बीमार, अस्पताल में भर्ती


Representative Image (Photo Credits: File Image)

Bihar Food Poisoning:  बिहार के बांका जिले में शुक्रवार, 13 मार्च को एक बड़ा हादसा सामने आया है. यहां पुलिस लाइन में प्रशिक्षण ले रहे 100 से अधिक जवान संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. दोपहर का भोजन करने के कुछ ही देर बाद जवानों ने उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत की. स्थिति बिगड़ते देख आनन-फानन में सभी प्रभावित जवानों को इलाज के लिए बांका सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

मेस के खाने के बाद बिगड़ी तबीयत

शुरुआती जानकारी के अनुसार, मेस में दोपहर के भोजन में जवानों को फ्राइड राइस और चना मसाला परोसा गया था. खाना खाने के कुछ ही समय बाद कई जवान बेहोश होने लगे, जबकि कइयों ने पेट में जलन की शिकायत की. घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. जिलाधिकारी (DM) नवदीप शुक्ला और पुलिस अधीक्षक (SP) उपेंद्रनाथ वर्मा ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर जवानों का हाल जाना और चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया.  यह भी पढ़े: Food Poisoning in School: घाटकोपर की स्कूल में छात्रों को हुआ फूड पॉइज़निंग, विद्यार्थियों की तबियत बिगड़ी, हॉस्पिटल में इलाज शुरू

कीटनाशक मिलने की आशंका और जांच

अस्पताल के सूत्रों और शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि भोजन में जहरीले पदार्थ की मौजूदगी हो सकती है. अधिकारियों को संदेह है कि चने के भंडारण के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली ‘सल्फास’ (कीटनाशक) की गोलियां गलती से खाना बनाते समय चने में मिल गई होंगी. प्रशासन ने खाने के नमूने लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं ताकि दूषण के सटीक कारण का पता लगाया जा सके.

अस्पताल में आपातकालीन स्थिति

एक साथ 100 से अधिक मरीजों के पहुंचने से सदर अस्पताल के संसाधनों पर भारी दबाव देखा गया. स्थिति को संभालने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की और दवाओं व आईवी फ्लूइड्स (IV fluids) की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की. अधिकांश जवानों की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है, हालांकि कुछ जवानों को अभी भी डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है.

प्रशासन का सख्त रुख

बांका के एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने अस्पताल के दौरे के दौरान कहा कि प्राथमिकता सभी जवानों का पूर्ण उपचार और रिकवरी है. उन्होंने पुष्टि की कि इस गंभीर लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है. सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता के मानकों को लेकर इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.




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