मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ की संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को आगे बढ़ाने का कार्य लागातार कर रहे हैं। वे छत्तीसगढ़ की तीज- त्योहार और परंपराओं को मानते हुए अपने परिवारजनों की फोटो भी सोशल मीडिया में शेयर करते हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि मैं चुनाव प्रचार के लिए इस समय बिहार में हूँ। हमारे छत्तीसगढ़ में खेतों में फसलों की लुआई पूरी हो जाने के बाद लुआई को अंतिम रूप देना “बढ़ौना” कहा जाता है। “बढ़ौना” की परम्परा प्रायः घर के मुखिया द्वारा होती है। आज मेरी धर्मपत्नी और मेरे बेटे ने इसे पूर्ण कर तस्वीरें भेजी हैं।
आपको बता दें कि भारत का हृदय और धान का कटोरा कहे जाने वाला छत्तीसगढ़ अपनी भाषा, संस्कृति, प्राचीन कला, सभ्यता इतिहास और पुरातत्व से काफी संपन्न है। छत्तीसगढ़ बने 20 साल हो गए हैं फिर भी प्रदेश और देश में छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति का कोई खास प्रभाव नहीं हो पाया था जिसे सीएम भूपेश ने बखूबी पूरा किया है।



