
कुश अग्रवाल बलौदाबाजार। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा महिला समूहों के ऋण माफ किये जाने की घोषणा के तहत जिले में 43 लाख रूपये से ज्यादा का ऋण माफ किया जायेगा। इससे 146 महिला समूहों से जुड़ी लगभग डेढ़ हजार महिलाओं को फायदा मिलेगा। छत्तीसगढ़ महिला कोष योजना के अंतर्गत पिछले कुछ सालों में उन्हें लघु व्यवसाय के लिए 58लाख 40 हजार रूपये का ऋण दिया गया था। इसमें से 15 लाख रूपये का ऋण महिलाओं ने चुकता कर दिया है।
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मुख्यमंत्री बघेल ने रायपुर स्थित अपने निवास में महिलाओं के सम्मान के लिए आयोजित तीज महोत्सव में ऋण माफी की घोषणा की है। उन्होंने इसके साथ ही महिला कोष से दिये जाने वाले ऋण की अधिकतम सीमा भी 1 लाख रूपये से बढ़ाकर 2 लाख रूपये कर दी है। ऋण माफ की खबर पाकर स्थानीय महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने मुख्यमंत्री के महिला समर्थित नीति और घोषणाओं के लिए धन्यवाद व्यक्त किया है।
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उल्लेखनीय है कि महिलाओं को छोटे-छोटे काम धंधे के लिए मात्र 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। यह ऋण उन्हें विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ महिला कोष से स्वीकृत किया जाता है। बलौदाबाजार जिले में 20 हजार रूपये से लेकर 1लाख रूपये तक ऋण दिये गये हैं। उन्हें मुख्य रूप से आपसी लेन-देन, दुकान संचालन, रेडीटू ईट, दोना पत्तल निर्माण, फल एवं सब्जी दुकान, ठेला आदि लघु व्यवसाय के लिए दिए गए हैं। कसडोल विकासखण्ड के ग्राम सेमरिया की महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष भगबती ने कहा कि अचार-पापड़ निर्माण के लिए उनके समूह को दो किश्तों में 1 लाख रूपये का ऋण मिला था। उनका काम-काज अच्छा चल रहा था। लेकिन कोरोना ने उनकी कमर तोड़ दी । उन्होंने लगभग 60 हजार रूपये का ऋण चुकता कर दिए हैं। लगभग 40 हजार रूपये बचा है। ऋण माफी की खबर पाकर समूह की महिलाएं काफी खुश है। कोरोना संकट के कारण उनका धंधा चौपट हो गया। इसलिए ऋण नहीं चुका पाए। मुख्यमंत्री ने ऋण माफ कर हमें काम-धंधा फिर से शुरू करने का हौसला दिया है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किये जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की है।




