
सोनुकेदार अम्बिकापुर – सभ्य समाज मे रिश्वत लेना एक सिस्टम बन गया है… रिश्वत को लोग काम कराने का सबसे आसान जरिया बना चुके हैं… चाहे वो काम गलत हो या सही .. रिश्वत की रकम मिलते ही अधिकारी कर्मचारी की नियत डोल जाती है.. और फिर रिश्वत देने और लेने वाले दोनो का काम बन जाता है… लेकिन कभी कभी रिश्वत लेने का सिस्टम कैमरे मे कैद हो जाता है… ऐसा ही एक मामला अम्बिकापुर के खनिज विभाग के दफ्तर मे सामने आया है।
सरगुजा जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर की कंपोजिट बिल्डिंग मे संचालित खनिज विभाग का ये कार्यालय .. वैसे तो जिले के खनिज से राजस्व इकट्ठा करने के लिए संचालित है.. लेकिन यहां बैठने वाले अधिकारी कर्मचारी सरकार से ज्यादा अपने लिए राजस्व इकट्ठा करने मे लगे रहते है… अगर यकीन नहीं होता.. तो सबसे पहले खनिज विभाग के दफ्तर मे फिल्माया गया ये वीडियो देखिए.. और थोडा ध्यान से देख कर सुनिएगा… क्योकि यकीन मानिए अगर आपने ये वीडियो ध्यान से सुना तो आपको यकीन हो जाएगा.. कि रिश्वत की चाह मे ये महिला कर्मचारी किस कदर छटपटा रहीं है।

जैसे पानी से निकालते ही मछली छटपटाने लगती है…. वैसे ही ये महिला कर्मचारी रिश्वत के लिए छटपटा रही है.. वैसे खनिज विभाग के डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय मे पदस्थ इस महिला कर्मचारी का नाम नीता मेहता है… जो विभाग मे एक राजस्व शाखा की लिपिक है… और जिस रिश्वत के लिए ये छटपटा रही है… चलिए अब उसकी कहानी भी सुन लीजिए… दरअसल कुछ दिन पहले खनिज विभाग के इंस्पेक्टर आऱ एल राजपूत विभागीय गाडी मे अपने विभाग के चालक संदीप के साथ सीतापुर इलाके मे रेत की खदाने देखने गए थे.. लेकिन लौटते समय उनको सीतापुर मे ही कुछ ट्रेक्टर गिट्टी, ईट औऱ रेत ले जाते दिखे.. इंस्पेक्टर साहब ने उन्हे रूकवा कर उन पर चालानी कार्यवाही कर दी… लेकिन ट्रेक्टर मालिको के पास उतनी रकम नहीं होने की वजह से सबने आन लाईन पेमेंट किया… और आन लाईन पेमेंट के एवज मे किसी से हजार रूपए तो किसी से 500 रूपए अधिक ले लिए गए।
वहीं इस बात की भनक जब कार्यालय मे बैठी राजस्व शाखा की मेडम नीता मेहता जी को लगी.. तो मेडम ने तत्काल इंस्पेक्टर साहब के साथ गए वाहन चालक संदीप को फोन लगाकर अपना हिस्सा मांग लिया… हांलाकि मेडम ने सिस्टम के हिसाब से कुछ गलत नहीं किया.. केवल अपना हिस्सा अपने टेबल पर मांग लिया.. इधर पूरे मामले का वीडियो दिखाकर जब हमने खनिज विभाग के प्रभारी डिप्टी डायरेक्टर और सहायक खनिज अधिकारी बजरंग सिंह पैकरा से उनका पक्ष जानने की कोशिश की.. तो उन्होने इस गंभीर मसले पर जांच करा कर कार्यवाही की बात कही है।
हाल फिलहाल मे खनिज विभाग के सबसे बडे अधिकारी का वीडियो देखने का बाद जांच कराने वाला जवाब पचने योग्य तो नहीं है… पर विभाग की महिला कलर्क के बहाने ही सही खनिज विभाग मे हो रहे रिश्वत के खेल का पर्दाफाश तो ही गया है.. बहरहाल अब देखना है कि खनिज साहब अपने कार्यालय मे अपने नाक के नीचे होने वाले इस रिश्वती खेल पर क्या कार्यवाही करते है।




